– बंद मिला जन औषधि केंद्र, आयुष्मान योजना की प्रगति पर फूटा गुस्सा
नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय बिना किसी पूर्व सूचना के सुबह करीब आठ बजे अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। सीएमओ के अचानक पहुंचने से अस्पताल कर्मियों में खलबली मच गई और कई कर्मचारी व्यवस्था संभालने में जुट गए। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत सामने आई, जिसमें अनुशासनहीनता, लापरवाही और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां उजागर हुईं।
अस्पताल परिसर में प्रवेश करते ही सीएमओ की नजर एक ऐसी तस्वीर पर पड़ी जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। कंप्यूटर ऑपरेटर सुशील कुमार अपनी मोटरसाइकिल को अस्पताल परिसर के अंदर तक ले जाते हुए दिखाई दिए। नियमों की अनदेखी देखकर सीएमओ ने तत्काल नाराजगी जताई और मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद वह सीधे अधीक्षक कक्ष पहुंचे और करीब एक घंटे तक विभिन्न विभागों और कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा करते रहे।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में संचालित जन औषधि केंद्र बंद मिला। केंद्र पर ताला लटका होने से मरीजों को मिलने वाली सस्ती दवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए। इतना ही नहीं, जन औषधि केंद्र की गैलरी में एक मोटरसाइकिल खड़ी मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अस्पताल परिसर के महत्वपूर्ण हिस्सों का उपयोग पार्किंग स्थल के रूप में किया जा रहा है। इस पर सीएमओ ने कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. गौरव राजपूत से जवाब तलब किया।
मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मरहम पट्टी कक्ष भी बंद पाया गया। स्वास्थ्य केंद्र में उपचार संबंधी मूलभूत व्यवस्थाओं की इस स्थिति ने निरीक्षण टीम को भी चौंका दिया। सीएमओ ने अस्पताल के शौचालयों और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।


