अमृतपुर/फर्रुखाबाद। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से अमृतपुर तहसील क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। मंगलवार सुबह फर्रुखाबाद-बदायूं स्टेट हाईवे पर चित्रकूट डीप के पास करीब डेढ़ फीट पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो गया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद करना पड़ सकता है। सोमवार रात से ही गंगा का पानी हाईवे के आसपास पहुंच गया था, जिसके बाद प्रशासन ने क्षेत्र पर लगातार निगरानी शुरू कर दी है।
बढ़ते जलस्तर से अमृतपुर तहसील के दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सबलपुर, कंचनपुर, इमादपुर, पामरन पट्टी, भरका, जसूपुर, गढ़िया, सुंदरपुर, जोगराजपुर, नगला पंचम, धनी नगला और नगला खुशाली सहित कई गांवों में पानी आबादी और खेतों तक पहुंच गया है। खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न होने लगी हैं, जबकि ग्रामीणों के सामने आवागमन, पशुओं के चारे और दैनिक जरूरतों का संकट गहराने लगा है।
बाढ़ का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। धनी नगला, माखन नगला, फखरपुर और तीस राम की मढ़ैया सहित कई गांवों के सरकारी विद्यालयों में पानी भर जाने से पठन-पाठन ठप हो गया है। विद्यार्थियों और शिक्षकों के स्कूल पहुंचने में कठिनाई होने के कारण विद्यालयों का संचालन प्रभावित है।
सुरक्षा की दृष्टि से बिजली विभाग ने बाढ़ से घिरे करीब एक दर्जन गांवों की विद्युत आपूर्ति एहतियातन बंद कर दी है, ताकि करंट लगने जैसी किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। बिजली कटने से ग्रामीणों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर जिले में खतरे के निशान से मात्र 10 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। अमृतपुर तहसील हर वर्ष गंगा की बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहती है और इस बार भी हालात तेजी से गंभीर होते जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में न जाने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।


