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Monday, June 15, 2026

निर्णायक मुकाबले में वेस्टइंडीज की धमाकेदार जीत, श्रीलंका को हराकर 2-1 से किया सीरीज पर कब्जा

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– शमर जोसेफ की घातक गेंदबाजी और रदरफोर्ड-होल्डर की विस्फोटक बल्लेबाजी बनी जीत की आधारशिला

स्पोर्ट्स डेस्क। वेस्टइंडीज ने तीसरे और अंतिम टी-20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 5 विकेट से पराजित कर तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से अपने नाम कर ली। किंग्स्टन के सबीना पार्क मैदान पर खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की टीम 20 ओवर में 169 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। जवाब में वेस्टइंडीज ने दबाव के क्षणों में संयम बनाए रखा और 19.4 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। मेजबान टीम ने दो गेंद शेष रहते जीत दर्ज कर सीरीज ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया।

श्रृंखला के पहले मुकाबले में वेस्टइंडीज ने जीत हासिल की थी, जबकि दूसरे मैच में श्रीलंका ने वापसी करते हुए सीरीज बराबर कर दी थी। ऐसे में तीसरा मुकाबला दोनों टीमों के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति वाला था। निर्णायक मैच में वेस्टइंडीज ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए सीरीज अपने नाम कर ली।

पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कप्तान कुसल मेंडिस बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती विकेट गिरने के बाद पथुम निसांका और कामिल मिशारा ने पारी को संभालने का प्रयास किया और दूसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी की।

निसांका ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 17 गेंदों पर 26 रन बनाए, जबकि कामिल मिशारा ने 23 गेंदों में 28 रन का योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों ने रन गति को बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन बड़ी साझेदारी में नहीं बदल सके। इसके बाद पवन रत्नायके बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए, जिससे टीम एक बार फिर दबाव में आ गई।

मध्यक्रम में कामिंदु मेंडिस ने 20 रन और दासुन शनाका ने 16 रन बनाकर पारी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन वेस्टइंडीज के गेंदबाज लगातार विकेट निकालते रहे। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से श्रीलंका की टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी।

एक छोर पर लगातार विकेट गिरने के बावजूद दुनिथ वेलालागे ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी की। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

वेलालागे ने 28 गेंदों का सामना करते हुए 43 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और एक शानदार छक्का शामिल रहा। उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ उपयोगी रन जोड़कर टीम को 169 रन तक पहुंचाया। यदि वेलालागे यह पारी नहीं खेलते तो श्रीलंका का स्कोर काफी कम रह सकता था।

वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमर जोसेफ ने पूरे मैच में शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। विशेष रूप से श्रीलंका की पारी के अंतिम ओवर में उन्होंने घातक गेंदबाजी करते हुए विपक्षी टीम की रन गति पर पूरी तरह लगाम लगा दी।

जोसेफ ने अंतिम ओवर में सिर्फ पांच रन खर्च किए और तीन विकेट झटक लिए। उन्होंने दुनिथ वेलालागे, दुष्मंत चमीरा और महीश तीक्षणा को आउट कर श्रीलंका की पारी का अंत किया। जोसेफ ने मैच में कुल पांच विकेट हासिल किए और विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उनकी गेंदबाजी ने वेस्टइंडीज को लक्ष्य का पीछा करने से पहले महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई।

170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम को भी आसान शुरुआत नहीं मिली। श्रीलंका के गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। 53 रन के स्कोर तक वेस्टइंडीज अपने चार प्रमुख विकेट गंवा चुका था और मुकाबला श्रीलंका की पकड़ में जाता दिखाई दे रहा था।

ऐसे मुश्किल समय में शेरफेन रदरफोर्ड बल्लेबाजी के लिए आए और उन्होंने टीम को संभालने का जिम्मा अपने कंधों पर लिया। रदरफोर्ड ने जल्दबाजी से बचते हुए पहले पारी को स्थिर किया और फिर धीरे-धीरे रन गति बढ़ाई।

शेरफेन रदरफोर्ड ने दबाव में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को जीत की राह दिखाई। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

रदरफोर्ड ने 40 गेंदों में नाबाद 54 रन बनाए। उनकी पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल रहे। यह उनके टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर का छठा अर्धशतक भी रहा। उन्होंने अंत तक क्रीज पर टिके रहकर टीम की जीत सुनिश्चित की और संकट की घड़ी में शानदार परिपक्वता दिखाई।

जब मैच अंतिम ओवरों में पहुंचा तो वेस्टइंडीज को जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी। ऐसे समय में अनुभवी ऑलराउंडर जेसन होल्डर ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

होल्डर ने मात्र 5 गेंदों पर नाबाद 21 रन बनाए और श्रीलंका की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने बड़े शॉट लगाकर रन गति को अचानक बढ़ा दिया और मैच को वेस्टइंडीज की झोली में डाल दिया। उनकी छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

रदरफोर्ड और होल्डर की शानदार साझेदारी के दम पर वेस्टइंडीज ने 19.4 ओवर में 170 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। टीम ने पांच विकेट से जीत दर्ज करते हुए तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से अपने नाम कर ली।

इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने घरेलू मैदान पर एक और महत्वपूर्ण श्रृंखला जीत हासिल की। शमर जोसेफ की घातक गेंदबाजी, दुनिथ वेलालागे की संघर्षपूर्ण पारी, शेरफेन रदरफोर्ड की जिम्मेदार बल्लेबाजी और जेसन होल्डर की विस्फोटक फिनिशिंग इस मुकाबले के प्रमुख आकर्षण रहे। निर्णायक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर वेस्टइंडीज ने साबित कर दिया कि दबाव की परिस्थितियों में भी टीम बड़े मैच जीतने का दम रखती है।

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