शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक प्रेमी युगल से जुड़े मामले में विवेचना के दौरान कथित तौर पर की गई हेरफेर का खुलासा होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
मामला 19 वर्षीय युवती और उसके 24 वर्षीय प्रेमी से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, दोनों अपनी मर्जी से राजस्थान चले गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बरामद किया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
आरोप है कि युवती ने अपने प्रारंभिक बयान में साफ तौर पर कहा था कि वह अपनी इच्छा से गई थी, लेकिन विवेचक दरोगा द्वारा लिखित बयान में इसे बदलकर “मर्जी नहीं थी” दर्ज कर दिया गया। इस बदलाव को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
बताया जा रहा है कि इस कथित परिवर्तन के पीछे युवक को जेल भेजने का उद्देश्य बताया जा रहा है। जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ा, कोर्ट में पेश वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए युवती के वास्तविक बयान सामने आ गए।
वीडियो में सामने आए तथ्य और लिखित बयान में अंतर के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया और विभागीय जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विवेचक दरोगा के निलंबन की कार्रवाई की गई है। यह घटना पुलिस जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर एक बड़ा सवाल छोड़ गई है।


