फर्रुखाबाद। भीषण गर्मी के बीच शहर की ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर ध्वस्त नजर आई। टाउन हॉल तिराहे के निकट लगा भीषण जाम आम नागरिकों के लिए मुसीबत बन गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों तक तपती धूप में फंसे रहकर पसीने से तर-बतर होते रहे। हालात इतने खराब हो गए कि पैदल निकलना भी दूभर हो गया।
जाम की स्थिति इतनी भयावह थी कि राहगीरों, मरीजों, छात्रों और जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गर्मी की मार और जाम की मार—दोनों ने मिलकर लोगों की हालत बिगाड़ दी। कई लोग बेबस होकर छांव तलाशते दिखे, तो कुछ गाड़ियों में ही गर्मी से जूझते रहे।
सिविल पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने हालात काबू में किये। । काफी मशक्कत के बाद किसी तरह जाम खुलवाया जा सका, तब जाकर मुख्य मार्ग पर आवागमन बहाल हो पाया। लेकिन सवाल यह है कि आखिर हर बार ऐसी स्थिति क्यों बनती है?
शहर में जाम अब रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है। तमाम दावों और योजनाओं के बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आ रही है। मुख्य मार्गों और व्यस्त चौराहों पर बार-बार लगने वाला जाम प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और भी बदतर हो सकते हैं। गर्मी के इस कहर में जाम का यह ‘तांडव’ लोगों के लिए किसी सजा से कम नहीं है।


