नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के पार्टी छोड़ने के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने तीखे तेवर दिखाते हुए भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम गैर-कानूनी, गैर-संवैधानिक और लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है।
संजय सिंह ने कहा कि दलबदल विरोधी कानून और संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत इस तरह की टूट को मान्यता नहीं दी जा सकती, लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने नियमों को ताक पर रखकर सांसदों को अपने पाले में किया। उन्होंने साफ कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है और इसके खिलाफ वह राज्यसभा के सभापति, यानी उपराष्ट्रपति को पत्र लिखकर इन सातों सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करेंगे।
AAP नेता ने आरोपों की धार और तेज करते हुए कहा कि भाजपा लगातार उनकी पार्टी को कमजोर करने की साजिश में जुटी है। गुजरात से लेकर पंजाब तक, पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है, झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और चुनावों से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट्स सस्पेंड कराने तक का आरोप भाजपा पर लगाया।
वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को लेकर वायरल तस्वीरों पर भी संजय सिंह ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इन्हें पूरी तरह फर्जी, मनगढ़ंत और बदनाम करने की साजिश बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी नेता या मीडिया संस्थान इस तरह की झूठी सामग्री प्रसारित करेंगे, उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया जाएगा।
संजय सिंह ने भाजपा पर हमला करते हुए यहां तक कह दिया कि यह “झूठ फैलाने वाली पार्टी” बन चुकी है, जो जनता को गुमराह करने के लिए पुराने प्रचार तंत्र का सहारा ले रही है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि सभी बड़े नेताओं के घर जनता के लिए खोल दिए जाएं, ताकि सच्चाई खुद सामने आ सके।
इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। आने वाले समय में यह सियासी टकराव और तेज होने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।


