लखनऊ
प्रदेश सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों के हित में एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उनके अंतिम संस्कार के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि में चार गुना वृद्धि कर दी है। इस फैसले के तहत अब किसी भी कारण से मृत्यु होने पर रोडवेज कर्मियों के आश्रितों को तत्काल 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जबकि पहले यह राशि मात्र 5 हजार रुपये निर्धारित थी। सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह सुविधा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के अंतर्गत कार्यरत सभी प्रकार के कर्मचारियों—चाहे वे नियमित हों, संविदा पर हों या आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे हों—सभी पर समान रूप से लागू होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों के परिवारों को कठिन समय में त्वरित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि अंतिम संस्कार जैसी आवश्यक और भावनात्मक प्रक्रिया में उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक बाधा का सामना न करना पड़े।
मंत्री ने यह भी बताया कि पूर्व में दी जाने वाली 5 हजार रुपये की सहायता राशि बाद में संबंधित कर्मचारी के अन्य देयकों से समायोजित कर ली जाती थी, जिससे परिजनों को वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता था। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत 20 हजार रुपये की यह सहायता राशि सीधे निगम की आय से दी जाएगी और इसका समायोजन यात्री राहत एवं सुरक्षा योजना के अंतर्गत किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि परिजनों को बिना किसी कटौती के तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके।
इस निर्णय को रोडवेज कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक और मानवीय पहल के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों द्वारा इस तरह की सहायता राशि बढ़ाने की मांग की जा रही थी, जिसे अब सरकार ने स्वीकार करते हुए लागू कर दिया है। इससे न केवल कर्मचारियों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होगी, बल्कि उनके परिवारों को भी यह भरोसा मिलेगा कि संकट की घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।
इसके साथ ही परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में यात्रियों और कर्मचारियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बसों की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और सेवा स्तर में सुधार के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है, ताकि निगम को और अधिक सुदृढ़ और भरोसेमंद बनाया जा सके।


