लखनऊ: राजधानी में रविवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया, जहां अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला, वहीं योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने विपक्ष पर पलटवार किया। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘नारी’ को ‘नारा’ बनाने की कोशिश कर रही थी और महिला आरक्षण बिल के जरिए समाज को बांटने की साजिश रच रही थी। उन्होंने कहा कि जब सरकार जनगणना ही नहीं करा पा रही है, तो महिलाओं को आरक्षण देने का दावा भी खोखला है। अखिलेश ने जातीय जनगणना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा जानबूझकर आधी आबादी के हक से बच रही है और डर की राजनीति कर समाज को विभाजित कर रही है।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेसवार्ता में विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में महिला आरक्षण बिल का विरोध ‘द्रौपदी के चीरहरण’ जैसा था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के हित में काम कर रही है, लेकिन विपक्ष लगातार प्रगतिशील कदमों में बाधा डालता रहा है। योगी ने कांग्रेस, सपा सहित अन्य दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल पहले भी ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों पर महिलाओं के हितों के खिलाफ खड़े रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी विपक्ष को घेरते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध कर विपक्ष ने महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंचाई है और देश की आधी आबादी इसका जवाब आने वाले चुनावों में देगी। उन्होंने सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग संविधान के खिलाफ है।
महिला आरक्षण बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे साफ है कि आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश और देश की राजनीति में बड़ा चुनावी मुद्दा बनने जा रहा है।


