मेरठ: चारधाम यात्रा शुरू होते ही वीकेंड पर यातायात का दबाव अचानक बढ़ गया, जिसका सबसे ज्यादा असर मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर देखने को मिला। यहां दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। दिल्ली-दून हाईवे पर गाड़ियां रेंग-रेंग कर आगे बढ़ती रहीं, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
टोल प्रशासन के अनुसार, शनिवार और रविवार के दौरान 24 घंटों में 50 हजार से अधिक वाहन इस टोल प्लाजा से गुजरे, जो सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक है। अचानक बढ़े दबाव के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हालात संभालने के लिए टोल कर्मियों को अतिरिक्त लेन खोलनी पड़ी, लेकिन इसके बावजूद दौराला की ओर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा।
जाम की समस्या को और गंभीर बनाने में फास्टैग से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों ने भी बड़ी भूमिका निभाई। कई वाहनों के फास्टैग स्कैन नहीं हो पाए, जबकि कुछ ब्लैकलिस्टेड पाए गए, जिससे उन्हें कैश लेन में भेजा गया और टोल पार करने में अधिक समय लगने लगा। इस वजह से वाहनों की कतार और लंबी होती चली गई।
यात्रियों ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर साल चारधाम यात्रा के दौरान यातायात बढ़ता है, इसके बावजूद पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही को देखते हुए पहले से बेहतर प्लानिंग की जानी चाहिए थी।
प्रबंधन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपने फास्टैग का बैलेंस और वैधता अवश्य जांच लें, ताकि टोल प्लाजा पर अनावश्यक देरी से बचा जा सके। हालांकि, लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए आने वाले दिनों में यातायात और अधिक प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।


