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Sunday, April 19, 2026
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महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों की नीयत का खुलासा

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(डॉ. सुधाकर आशावादी-विभूति फीचर्स)

लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल राजनीतिक दलों की सियासी सोच के चलते पारित नहीं हो सका। यह पहला अवसर नहीं है, जब जब देश में लोकतांत्रिक सुधार की प्रक्रिया शुरू की जाती है, तब तक राजनीतिक दल अपने स्वार्थ की परिधि में अपने नफे नुकसान का आकलन करते हुए निर्णय लेते ही हैं। पक्ष और विपक्ष की दृष्टि में उस समय राष्ट्र सर्वोपरि की भावना नहीं रहती। बहरहाल महिला आरक्षण देने के तरीके तथा चुनाव क्षेत्र संबंधी परिसीमन पर सहमति इसलिए नहीं बनी, क्योंकि सत्ता के पास बिल पारित कराने हेतु अपेक्षित दो तिहाई बहुमत का अभाव था।

ऐसा नहीं है, कि सत्ता पक्ष को इसकी जानकारी न रही हो, अपने पाँव तले की धरती का सभी को पता रहता है, फिर भी प्रयास किये जाते रहते हैं। कई बार अविश्वास प्रस्ताव भी इसलिए धराशायी होते हैं, कि अविश्वास व्यक्त करने वाले वाले के पास अपेक्षित मत नहीं होते। यहाँ भी यही हुआ सत्ता पक्ष को जानकारी थी, कि संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं है, फिर भी लंबी बहस हुई और राजनीतिक दलों के मंसूबों का खुलासा हुआ।

एक सच यह भी है, कि आम आदमी राजनीतिक दलों के स्वार्थी मंसूबों को समझता तो है, लेकिन राजनीतिक दलों द्वारा समाज में उत्पन्न की गई परिस्थितियों के सम्मुख राजनीतिक दलों को सबक सिखाने में सक्षम नहीं होता, जिसकी परिणति यही होती है, कि कभी उसे जातीय अलगाववाद का शिकार होना पड़ता है और कभी क्षेत्रीय या धार्मिक विघटनकारी विमर्श का।

देश की बहुसंख्यक आबादी का अशिक्षित और लोभी होना देश को सशक्त राष्ट्र बनने की दिशा में बढ़ने नहीं देता। आम आदमी को मुफ्त राशन, मुफ्त बिजली, मुफ्त यातायात, मुफ्त की सुविधाएं मिल जाएं, बस इतना ही उसके लिए पर्याप्त रहता है। जिसका फायदा उठाना राजनीतिक दल बखूबी जानते हैं, तभी मुफ्तखोरी बढ़ाने वाले आश्वासन देकर जनता को गुमराह करते हैं।

वैसे देखा जाए, तो देश में किसी भी प्रकार के आरक्षण का कोई औचित्य नहीं है। बरसों से महिला आरक्षण लागू है, मगर कितनी महिला जनप्रतिनिधि ऐसी हैं, जो अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम हैं। महिला ग्राम प्रधानों या महिला जनप्रतिनिधियों की वास्तविकता यही है, कि अधिकांश महिलाएं स्वयं अपने ही क्षेत्र की समस्याएं नहीं सुलझा पाती।

उन्हें क्षेत्रीय समस्याओं के निदान के लिए अपने प्रतिनिधि की जरूरत रहती है, प्रधान पति, प्रधान पुत्र, प्रधान प्रतिनिधि की तर्ज पर उन्हें बैसाखियाँ चाहिए होती हैं। जिस देश में मात्र एक वोट के अभाव में सरकारें तक गिर जाती हों तथा देश पर चुनाव का बोझ लद जाता हो, ऐसे देश में यदि 131 वे संविधान संशोधन विधेयक को अपेक्षित दो तिहाई बहुमत नहीं मिला, तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। इतना अवश्य है, कि इस संशोधन विधेयक के गिरने से राजनीतिक दलों की महिलाओं के प्रति सोच की कलई खुल गई है।

आवश्यक यही है, कि राजनीतिक दलों की महिला विरोधी तथा राजनीतिक स्वार्थ के चलते लोकतांत्रिक मूल्यों की अवहेलना करने वाले विमर्श पर व्यापक चर्चा हो, ताकि लोकतांत्रिक सुधारों की प्रक्रिया में बाधक बने तत्वों से आम आदमी परिचित हो सके।

(विभूति फीचर्स)

रिश्तेदारों के साथ रास्ता रोककर मारपीट और जान से मारने की धमकी

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मोहम्मदाबाद: थाना क्षेत्र के ग्राम गोसरपुर निवासी पाती राम के पुत्र भूपेन्द्र सिंह ने पुलिस को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि 17 अप्रैल 2026 को उनके भतीजे विकास पाल (पुत्र अविनाश चंद्र) की लगन के लिए आ रहे रिश्तेदारों के साथ रास्ता रोककर मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
प्रार्थी के अनुसार, जनपद एटा के अलीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ी निवासी जयपाल सिंह (पुत्र बाकेलाल), जो समधी हैं, लगन कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि अखिलेश (पुत्र भूरे राजपूत), पप्पू (पुत्र देवी दयाल) निवासी वनपोई तथा देवेंद्र उर्फ ललू (पुत्र नरेंद्र पाल), विमल (पुत्र राजबहादुर) निवासी गोसरपुर सहित लगभग 7 अज्ञात लोग मौके पर पहुंचे और उनका रास्ता रोक लिया।
बताया गया कि आरोपियों ने लगन न करने की बात कहते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर ईंट-पत्थर चलाए गए तथा अवैध तमंचे से फायरिंग भी की गई।
पीड़ित के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। घटना रात लगभग 9:30 से 10:00 बजे के बीच की बताई जा रही है।
इस संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले की जांच संबंधित हल्का इंचार्ज को सौंप दी गई है और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नोएडा हिंसा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, STF ने रखा था एक लाख का इनाम

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नोएडा: यूपी STF ने नोएडा (Noida) में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन के मुख्य मास्टरमाइंड (mastermind) में शामिल आरोपी को गिरफ्तार किया है। STF ने लंबी छानबीन के बाद श्रमिक हिंसा के मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को तमिलनाडु से अरेस्ट कर लिया है। नोएडा पुलिस ने आदित्य पर एक लाख का इनाम रखा था। आदित्य आनंद अल्ट्रा लेफ्ट संगठन से जुड़ा हुआ है और प्रदर्शन को भड़काने में उसकी अहम भूमिका बताई जा रही है।

यूपी एसटीएफ श्रमिक आंदोलन को लेकर लगातार छापेमारी कर रही है। नोएडा के अरुण बिहार, दिल्ली के आदर्श नगर और शाहबाद डेयरी के इलाकों में भी छापेमारी की गई है। इस दौरान 6 संदिग्धों को STF ने हिरासत में लिया है। जिनसे पूछताछ की जाएगी। इधर, नोएडा में हालात अब सामान्य हो गए हैं। हालांकि अभी भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए है। पुलिस ने सेक्टर-आधारित तैनाती योजना के तहत फ्लैग मार्च किए हैं और गश्त बढ़ा दी है।

वहीं हिंसक प्रदर्शन के बाद योगी सरकार ने मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की घोषणा की है और भविष्य के विवादों को सुलझाने के लिए एक ‘वेज बोर्ड’ बनाने का प्रस्ताव रखा है। श्रमिक इस फैसले के बाद खुशी से काम पर लौट आए हैं। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने गौतमबुद्धनगर के श्रमिकों समेत आम लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि किसी के भी उकसावे में न आए। अफवाहों पर ध्यान न दें, ऐसी किसी भी घटना को पुलिस के संज्ञान में लाए। गौमतबुद्ध नगर शांतिप्रिय जिला रहा है, यहां उद्योग-धंधों के साथ आम जनजीवन भी सामान्य रहा है। इसे बरकरार रखने में पुलिस का सहयोग करे।

 

राष्ट्रीय लोक दल ने अधिकारियों के सामने उठाईं जन समस्याएं, समाधान की मांग

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फर्रुखाबाद । राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश मंडल ने जन समस्याओं को लेकर ज्ञापन उप जिलाधिकारी रजनीकांत को सौंपते हुए समस्याओं का समाधान की मांग उठाई है।

ज्ञापन में कहा गया कि गैस ऐजन्सी मालिकों द्वारा कृत्रिम रूप से गैस का संकट पैदा किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को रसोई गैस की आपूर्ति बुकिंग होने लगभग 10-12 दिन होम डिलीवरी नहीं दी जाती है व उपभोक्ताओं के बुकिंग वाउचर में होमडिलीवरी के पैसे शामिल होने के पश्चात भी अतिरिक्त धनराशि लेकर डिलीवरी दी जाती है।

ज्ञापन में कहा गया कि नगर पालिका द्वारा बनाये सुलभ शौचालय बंद पड़ै हुए हैं। म्युनिस्पिल इण्टर कालेज फतेहगढ़ के पास बना शौचालय , मूत्रालय एंव नगर पालिका काम्पलेक्स फतेहगढ़ के निकट बना शौचालय , मूत्रालय व कलेक्ट्रेट परिसर गेट नं0-2 के पीछे व नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन स्थल के निकट बने शौचालय में ताला पड़ा रहता है। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इनको शुरूकराया जाए।जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में बच्चों के तीन विद्यालय चल रहे है। मुख्य गेट पर नीम का पेड़ जड़ से टूट कर वर्षों से खंडहर पर टिका पड़ा है। कभी भी आंधी तूफान में बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकता है। ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ पदाधिकारी बृजेंद्र यादव गजेंद्र यादव राहुल वर्मा अमित प्रकाश सुमित कुमार अतुल किशोर पांडे संजय गांधी शामिल रहे।

परिषदीय विद्यालयों के संचालन समय में परिवर्तन की मांग

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परिषदीय विद्यालयों के संचालन समय में परिवर्तन की मांग

फर्रुखाबाद। परिषदीय विद्यालयों का संचालन समय परिवर्तित किये जाने की मांग बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेज कर की गयी है।

उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष प्रवेश कटियार एवं महासचिव मजहर मोहम्मद ने बीएसए को भेजे गए पत्र में कहा कि गर्मी और धूप के मौसम में दोपहर का तापमान 42 से 47 डिग्री सेन्टीग्रेड तक पहुंच जाता है।

ऐसे मौसम में विद्यालय में पढनेवाले कम आयु के छात्रों के मानसिक एवं शारीरिक स्वस्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है। जिससे उनकी नियमित उपस्थिति प्रभावित होती है। ग्रीष्मकालीन में समय को संशोधित करते हुए 7.30 बजे से 12.30 बजे तक कि या जाना चाहिए।

प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक बीएसए कार्यालय में संपन्न

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फर्रुखाबाद। प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक बीएसए कार्यालय में संपन्न हुई जिसमें विभिन्न मुद्दों पर विचार किया गया प्रमुख रूप से उर्दू शिक्षकों की पेंशन, गर्मियों में विद्यालय के समय में परिवर्तन, तथा एक आर पी की नियुक्तियां की सूचना और स्थिति के बारे में विचार विमर्श किया गया बैठक के बाद बीएसए को विज्ञापन सौंप कर मांग की गई।

बैठक की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष अवनीश चौहान ने की बस संचालक महामंत्री राज किशोर शुक्ल ने किया।
बैठक में कहा गया कि प्राथमिक शिक्षकों की जो जनगणना की ड्यूटी लगाई जा रही है वह उनके निवास क्षेत्र अथवा विद्यालय क्षेत्र के आसपास ही लगाई जाए ताकि उन्हें ज्यादा कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही शिक्षिकाओं को