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Tuesday, July 14, 2026
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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन: गडकरी का बड़ा ऐलान

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– बोले— दो साल में यूपी में 5 लाख करोड़ की परियोजनाओं पर होगा काम
– दिल खोल कर की सीएम योगी की प्रशंसा
लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अगले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की सड़क एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर कार्य करेगी।
अपने संबोधन में नितिन गडकरी ने कहा, “जो-जो मैं कहूंगा, वह करके दिखाऊंगा।” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल है और यहां आधुनिक सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेसवे और राजमार्गों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
गडकरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति दी है। उन्होंने कहा, “योगी जी ने विकास किया है और विकास के साथ-साथ गुंडाराज को भी समाप्त करने का काम किया है। आज बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरा देश देख रहा है।”
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन और निवेश को नई ऊर्जा मिलेगी। आधुनिक राजमार्ग केवल यात्रा का समय कम नहीं करते, बल्कि राज्यों की अर्थव्यवस्था को भी गति देते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा और सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने 14 परियोजनाओं का किया लोकार्पण

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लखनऊ/बहराइच। उत्तर प्रदेश सरकार ने बहराइच जिले में सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 14 सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण किया। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने वर्चुअल माध्यम से इन परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम से जुड़े।
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इन परियोजनाओं के शुरू होने से खेतों तक समय पर पानी पहुंचेगा, सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है।
कार्यक्रम में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के विभागाध्यक्ष संदीप कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इनसे जिले के अनेक गांवों और कृषि क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा तथा सिंचाई व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी होगी।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के संचालन से न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों की लागत कम होगी और उन्हें समय पर सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी।

रामधन गबन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सख्त, बोले दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा

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बहराइच। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोमवार को बहराइच स्थित भाजपा जिला कार्यालय पहुंचकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अयोध्या के चर्चित रामधन गबन प्रकरण पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट संदेश दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
पंकज चौधरी ने कहा कि “जो भी दोषी होगा, वह किसी भी कीमत पर बच नहीं पाएगा। छोटा हो या बड़ा, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और भ्रष्टाचार या अनियमितता के मामलों में किसी के साथ पक्षपात नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पारदर्शिता, जवाबदेही और आधुनिक निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि धार्मिक और सार्वजनिक संस्थानों में वित्तीय प्रबंधन अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बन सके।
प्रदेश अध्यक्ष ने अपने संबोधन में संगठन की मजबूती, बूथ स्तर तक पार्टी के विस्तार और केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने और सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने का आह्वान किया।

पूर्व एआरटीओ ललित कुमार विजिलेंस के शिकंजे में, 15 संपत्तियों समेत नकदी और आभूषण मिलने का दावा

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लखनऊ। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में उत्तर प्रदेश विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व एआरटीओ ललित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस की जांच में उनके पास आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति होने के आरोप सामने आए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, ललित कुमार पूर्व में आगरा में एआरटीओ के पद पर तैनात रह चुके हैं। विजिलेंस की छापेमारी और जांच के दौरान उनके नाम से जुड़ी 15 संपत्तियों के दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है। इसके अलावा दो कारें, लाइसेंसी रिवॉल्वर, नकदी, आभूषण, बैंक खातों, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, तलाशी के दौरान सोने-चांदी के बिस्किट, नकदी और बड़ी मात्रा में आभूषण भी बरामद होने का दावा किया जा रहा है। विजिलेंस ने इन सभी संपत्तियों और निवेश के संबंध में ललित कुमार से पूछताछ की, लेकिन जांच एजेंसी का कहना है कि वह संपत्ति के स्रोतों का संतोषजनक विवरण प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद विजिलेंस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अब एजेंसी उनकी चल-अचल संपत्तियों, बैंक लेन-देन और निवेश की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित संपत्ति किस प्रकार अर्जित की गई।

लखनऊ विश्वविद्यालय का छात्रहित में बड़ा फैसला, आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नों पर सभी अभ्यर्थियों को मिलेगा पूरा लाभ

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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक (बीए) प्रवेश परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। परीक्षा में आउट ऑफ सिलेबस पूछे गए प्रश्नों को लेकर उठे विवाद के बाद विश्वविद्यालय ने सभी प्रभावित छात्रों को राहत देने का फैसला किया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, गणित विषय के 10 आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नों के पूरे अंक सभी अभ्यर्थियों को बोनस के रूप में दिए जाएंगे। इससे किसी भी छात्र की मेरिट प्रभावित नहीं होगी और सभी परीक्षार्थियों को समान अवसर मिलेगा।
यह निर्णय कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में लिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी छात्र के भविष्य से समझौता नहीं करेगा। यदि प्रश्नपत्र तैयार करने में कोई त्रुटि हुई है तो उसका खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना पड़ेगा।
विश्वविद्यालय ने मूल्यांकन प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव करते हुए निर्देश जारी किए हैं कि संबंधित प्रश्नों के अंक सभी अभ्यर्थियों के कुल प्राप्तांकों में जोड़े जाएं। इससे प्रवेश प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहेगी।
पिछले कुछ दिनों से अभ्यर्थी आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नों को लेकर आपत्ति जता रहे थे। छात्रों का कहना था कि ऐसे प्रश्नों के कारण उनकी मेरिट प्रभावित हो सकती है। विश्वविद्यालय के इस फैसले के बाद छात्रों में राहत की भावना देखी जा रही है।

KGMU के 22वें दीक्षांत समारोह में राजनाथ सिंह का संदेश, डॉक्टर की पहचान सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि मरीज के प्रति…

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लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ (Lucknow) स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (KGMU) के 22वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने चिकित्सा पेशे को मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम बताते हुए युवा डॉक्टरों को संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के साथ कार्य करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की वास्तविक पहचान उसकी डिग्री से नहीं, बल्कि मरीज के प्रति उसके व्यवहार, करुणा और सेवा भावना से होती है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि मरीज अस्पताल में केवल इलाज कराने नहीं, बल्कि भरोसा लेकर आता है। ऐसे में डॉक्टरों का कर्तव्य है कि वे अपने ज्ञान और कौशल के साथ संवेदनशीलता को भी समान महत्व दें। उन्होंने कहा कि कई बार डॉक्टर की मुस्कान, आत्मीयता और भरोसा दिलाने वाले शब्द मरीज के मानसिक संबल का कारण बनते हैं और उपचार को अधिक प्रभावी बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जीन थेरेपी, सीएआर-टी सेल थेरेपी और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के जरिए देश वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। ऐसे समय में नए डॉक्टरों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय मूल्यों को भी अपनाएं।

दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 54 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक और 1708 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का सबसे पवित्र दायित्व है। उन्होंने युवा डॉक्टरों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में योगदान देने का आह्वान किया।

समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। ब्रजेश पाठक ने कहा कि केजीएमयू आज देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है और यहां से निकलने वाले डॉक्टरों से समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी उम्मीदें हैं।