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Sunday, April 19, 2026
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झूठा निकला लूट का मामला, सर्राफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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फर्रुखाबाद। जनपद में एक सर्राफा व्यापारी द्वारा दर्ज कराई गई लूट की घटना पुलिस जांच में पूरी तरह से झूठी साबित हुई है। मामले की गहन जांच के बाद पुलिस ने आरोपी सर्राफ के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस खुलासे से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और पुलिस की सतर्कता की भी चर्चा हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के महादेव प्रसाद स्ट्रीट, पुरानी बड़ी सब्जी मंडी के पास रहने वाले सर्राफा व्यवसायी श्याम जी वर्मा ने कुछ दिन पूर्व पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि जब उनका भाई चिलसरा रोड स्थित दुकान से नगर की ओर लौट रहा था, तभी एक स्विफ्ट डिजायर कार में सवार बदमाशों ने उसे रोक लिया और करीब 20 ग्राम सोना लूटकर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने कार के नंबर के आधार पर ई-चालान प्रणाली से वाहन स्वामी की जानकारी जुटाई, जिसमें वाहन ग्वालियर निवासी पूनम सोनी पत्नी दिलीप सोनी के नाम पंजीकृत पाया गया।
पुलिस द्वारा संपर्क किए जाने पर दिलीप सोनी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि श्याम जी वर्मा उनका साला है और दोनों के बीच व्यापारिक विवाद चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि श्याम जी वर्मा ने पहले से ही उनकी पत्नी के नाम से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रखा है। घटना वाले दिन वह अपने बेटे कृष्णा और भाई के साथ ग्वालियर से फर्रुखाबाद कोर्ट में तारीख पर आया था। इसके बाद वह रिश्तेदारी में अमलिया आशानंद गया और वहां से चिलसरा रोड होते हुए वापस लौट रहा था।
दिलीप सोनी के अनुसार, रास्ते में श्याम जी वर्मा ने उसे देख लिया और पूर्व रंजिश के चलते एक सोची-समझी साजिश के तहत स्कूटी से उसका पीछा करते हुए झूठा लूट का आरोप लगा दिया।
मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक वीरेंद्र कुमार ने सभी तथ्यों और बयानों की पुष्टि की। जांच में दिलीप सोनी के आरोप सही पाए गए और लूट की घटना पूरी तरह मनगढ़ंत निकली।
इसके बाद उपनिरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने श्याम जी वर्मा के खिलाफ झूठी सूचना देने और साजिश रचने के आरोप में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून को गुमराह करने और झूठी घटनाएं गढ़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर सच को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

विपक्ष ने बहुत बड़ी गलती की, अब सजा सजा भुगतेंगे : नरेंद्र मोदी

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नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बहुप्रतीक्षित महिला आरक्षण विधेयक पर शुक्रवार को हुई मतदान प्रक्रिया में सरकार को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका, जिसके चलते यह विधेयक पारित नहीं हो पाया। इस घटनाक्रम के बाद देश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है और सत्ता पक्ष लगातार विपक्ष पर हमलावर है। शनिवार को आयोजित केंद्रीय कैबिनेट बैठक में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्षी दलों की तीखी आलोचना की।
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को वर्ष 2029 से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले इस महत्वपूर्ण विधेयक को गिराकर विपक्ष ने “बहुत बड़ी गलती” की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की महिलाएं इस फैसले को कभी माफ नहीं करेंगी और विपक्ष को इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह संदेश देश के हर गांव और हर नागरिक तक पहुंचाया जाना चाहिए कि किस प्रकार महिलाओं के अधिकारों को बाधित किया गया।
दरअसल, संविधान संशोधन के तहत लाए गए इस विधेयक का उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना था, लेकिन मतदान के दौरान इसे आवश्यक समर्थन नहीं मिल पाया। लंबी और तीखी बहस के बाद विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया, जिससे यह पारित नहीं हो सका।
इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में भावुक अपील करते हुए सभी सांसदों से “अंतरात्मा की आवाज” सुनने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि देश की करोड़ों महिलाओं की नजर इस फैसले पर है और कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे नारी शक्ति की भावनाएं आहत हों।
विधेयक के पारित न होने के बाद अब सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। सत्ता पक्ष जहां इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष सरकार के प्रस्ताव और रणनीति पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा देश की राजनीति के केंद्र में बना रहने की संभावना है।

सरेराह छेड़छाड़ पर फूटा गुस्सा, मनचले युवक की भीड़ ने की पिटाई, युवती ने भी चप्पलों से सिखाया सबक

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फर्रुखाबाद। कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत जेएनवी रोड पर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक मनचले युवक ने सरेराह एक युवती से छेड़छाड़ शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई इस घटना को देखकर स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने मौके पर ही युवक को पकड़ लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक लगातार युवती को परेशान कर रहा था और अभद्र टिप्पणियां कर रहा था। युवती ने पहले तो इसका विरोध किया, लेकिन जब युवक नहीं माना तो आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप किया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने मनचले युवक की जमकर पिटाई कर दी।
इसी दौरान पीड़ित युवती ने भी हिम्मत दिखाते हुए बीच सड़क पर ही आरोपी युवक को चप्पलों से पीटा, जिससे वहां मौजूद लोगों ने उसका समर्थन किया। घटना के बाद युवक का सारा “आशिकी का भूत” उतर गया और उसने युवती के पैर छूकर माफी मांगी।
स्थानीय लोगों ने युवक को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में ऐसी हरकत न करने की हिदायत दी और उसे छोड़ दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बेटी अनविष्का शर्मा ने रचा इतिहास, एम.एड. में स्वर्ण पदक पाकर बढ़ाया जिले का मान

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फर्रुखाबाद

जनपद के मोहम्मदाबाद क्षेत्र की होनहार छात्रा अनविष्का शर्मा ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह के दौरान अनविष्का को एम.एड. पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर द्रौपदी मुर्मू भी उपस्थित रहीं, जिससे समारोह का महत्व और भी बढ़ गया।
अनविष्का की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा फर्रुखाबाद जनपद गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनके परिवार में खुशी का माहौल है और क्षेत्र के लोग उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं। अनविष्का स्वर्गीय श्री विद्याभूषण शर्मा की नातिन हैं, जिन्होंने अपने जीवनकाल में मोहम्मदाबाद क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके पदचिह्नों पर चलते हुए अनविष्का ने यह सिद्ध कर दिया कि समर्पण और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
इस सफलता पर उनके परिजनों—श्री ज्ञान प्रकाश शर्मा, श्री मृत्युंजय शर्मा तथा उनके पिता श्री मनीष शर्मा—ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अनविष्का ने परिवार की वर्षों पुरानी शैक्षिक परंपरा को आगे बढ़ाया है। वर्तमान में अनविष्का राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) में शोधार्थी के रूप में अध्ययनरत हैं और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही हैं।
अपनी सफलता का श्रेय अनविष्का ने अपने माता-पिता, परिवारजनों और गुरुजनों को दिया है। उन्होंने विशेष रूप से अपने मार्गदर्शक डॉ. चंद्रशेखर पांडेय और डॉ. हरीश पांडेय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी।
अनविष्का की यह सफलता क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

युवक की संदिग्ध मौत: पत्नी से विवाद के बाद घर में मिला शव

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बरेली के कैंट थाना क्षेत्र के नकटिया इलाके में शनिवार सुबह एक युवक का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान इमरान उर्फ विनय के रूप में हुई है, जिसने करीब तीन साल पहले धर्म परिवर्तन कर एक युवती से शादी की थी। परिवार में उसके दो छोटे बच्चे भी हैं, जिससे घटना और भी संवेदनशील हो गई है।

पुलिस के मुताबिक, घटना से कुछ घंटे पहले ही युवक का अपनी पत्नी मुस्कान से विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि झगड़ा इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई, जिसके बाद पत्नी नाराज होकर अपने मायके चली गई। इस घटनाक्रम के बाद देर रात जो कुछ हुआ, उसने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है।

जानकारी के अनुसार, रात करीब साढ़े बारह बजे मुस्कान अपने परिजनों के साथ वापस घर पहुंची। घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर उसके भाई जाहिद ने दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया और दरवाजा खोला। जब परिजन कमरे में पहुंचे तो युवक का शव छत के कुंडे से रस्सी और चुन्नी के सहारे लटका मिला।

घटनास्थल की स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कमरे की कुंडी अंदर से बंद नहीं थी, जिससे किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका की आशंका भी जताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और फील्ड यूनिट टीम ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

कैंट इंस्पेक्टर ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और मामले को संदिग्ध मानकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

यह घटना एक बार फिर पारिवारिक तनाव और रिश्तों में बढ़ते टकराव की गंभीरता को सामने लाती है। ऐसे मामलों में संवाद और समझदारी की कमी कई बार दुखद परिणामों की वजह बन जाती है, जिस पर समाज को गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

खाई में गिरने से 9 पर्यटकों की मौत

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तमिलनाडु के वलपरई में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 9 लोगों की जान चली गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब पर्यटकों से भरा एक टेम्पो ट्रैवलर पहाड़ी रास्ते पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया।

पुलिस के अनुसार, यह वाहन पेरिंथलमन्ना से आए 13 पर्यटकों को लेकर वलपरई घूमने के बाद वापस लौट रहा था। जैसे ही गाड़ी 13वें हेयरपिन मोड़ पर पहुंची, चालक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन फिसलता हुआ कई मोड़ों को पार करते हुए नीचे जा गिरा। बताया जा रहा है कि वाहन करीब 9वें हेयरपिन मोड़ तक लुढ़क गया, जिससे हादसा बेहद भयावह हो गया।

इस दुर्घटना में एक पुरुष और आठ महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और घायलों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से पोलाची के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

वलपरई के पहाड़ी रास्ते अपने तीखे मोड़ों और खतरनाक ढलानों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही या तकनीकी गड़बड़ी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। शुरुआती जांच में वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। साथ ही, पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और ड्राइवरों से सावधानी बरतने की अपील की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा मानकों और ड्राइविंग सावधानी की अहमियत को उजागर करता है। खासकर पर्यटन सीजन में जब इन मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है, तब प्रशासन और यात्रियों दोनों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।