औरैया
जनपद में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सदर तहसील क्षेत्र के ककराही गांव में धान व दाल मिल संचालित करने के नाम पर करोड़ों रुपये की कीमती सरकारी जमीन पर कब्जा किए जाने की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित जमीन को कब्जाने के लिए पुराने दस्तावेजों का सहारा लिया गया। बताया जा रहा है कि वर्ष 1971 में एक इकरारनामा तैयार किया गया था, जबकि इसके आधार पर वर्ष 1988 में कथित रूप से आदेश जारी कर जमीन को निजी उपयोग में दर्शा दिया गया। प्रशासन को आशंका है कि इस पूरी प्रक्रिया में दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी भूमि को निजी संपत्ति में बदलने की कोशिश की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, ककराही गांव में जिस भूमि पर धान और दाल मिल संचालित होने का दावा किया गया है, उसकी वास्तविक स्थिति और स्वामित्व को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब पुराने रिकॉर्ड, अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान कर सच्चाई सामने लाने में जुटा है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करते हुए जमीन को मुक्त कराया जाएगा और जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे प्रकरण की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


