नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को आयोजित होगी। प्रश्नपत्र लीक और धांधली के आरोपों के चलते रद्द की गई परीक्षा के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के सामने निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी है। रविवार को 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
परीक्षा से एक दिन पहले शनिवार को देशभर में व्यापक अभ्यास अभियान चलाया गया। पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रश्नपत्रों और अन्य गोपनीय सामग्री को सुरक्षित ढंग से पहुंचाने के लिए विशेष सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। परीक्षा सामग्री ले जाने वाले वाहनों की उपग्रह आधारित निगरानी की जाएगी।
देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में पांच हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा संचालन के लिए दो लाख से अधिक कर्मचारी, 674 नगर समन्वयक और 6,669 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। दिव्यांग श्रेणी के पात्र अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र बदलने की शिकायतें सामने आईं। कुछ मामलों में विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों और विदेश तक के परीक्षा केंद्र आवंटित हो गए थे। विवाद बढ़ने पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने त्रुटियों को सुधारने का दावा किया और अभ्यर्थियों से नए प्रवेश पत्र का ही उपयोग करने को कहा है।
गर्मी और भारी संख्या में परीक्षार्थियों को देखते हुए सभी केंद्रों पर पेयजल, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था, पंखे, शौचालय और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभ्यर्थियों को सुबह से ही समय पर केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है, क्योंकि निर्धारित समय के बाद प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद होने जा रही यह पुनर्परीक्षा केवल लाखों विद्यार्थियों के भविष्य का सवाल नहीं है, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की साख की भी सबसे बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।
क्रॉसर:
“कल होगी देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा, प्रश्नपत्र लीक के दाग के बाद एजेंसी की साख और 22.79 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर”


