राणसी| नहिया गांव में भगवा और नीले झंडे लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पथराव में एसीपी विदुष सक्सेना, इंस्पेक्टर, दरोगा और अन्य पुलिसकर्मियों सहित कुल 7 लोग घायल हो गए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। शनिवार सुबह से ही पीएसी के साथ पांच थानों की पुलिस फोर्स गांव में मौजूद है। पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और दलित बस्ती के कई युवक कार्रवाई के डर से घर छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस ने गांव के प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए हैं।
पुलिस ने मामले में गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडेय की तहरीर पर 11 नामजद और लगभग 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि रामनवमी के दौरान लगाए गए भगवा झंडे को अंबेडकर जयंती पर हटाकर नीला झंडा लगाया गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया और मामला हिंसा तक पहुंच गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद की शुरुआत 14 अप्रैल को हुई जब अंबेडकर जयंती के दौरान झंडा बदल दिया गया। इसके बाद 15 अप्रैल को झंडा हटाने और पोस्टर फाड़ने के आरोप लगे, जिससे माहौल और गरमा गया। अगले दिन बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, जो हाईवे जाम तक पहुंच गया।
शुक्रवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और अचानक पथराव शुरू हो गया। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन हालात बेकाबू हो गए। पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए और अंत में लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।
पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार के अनुसार, वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।


