– 1.60 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा
लखनऊ/यूथ इंडिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को हथकरघा एवं ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक, ई-कॉमर्स और वैश्विक बाजार से जोड़कर उत्तर प्रदेश को रोजगार और उद्यमिता का बड़ा केंद्र बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाए।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश में अब तक 1.60 लाख से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा चुका है। उल्लेखनीय बात यह है कि कुल प्रशिक्षणार्थियों में 87 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ हथकरघा और ग्रामोद्योग क्षेत्र में ऑटोमेशन, आधुनिक मशीनरी तथा टेक्निकल टेक्सटाइल्स को बढ़ावा देना आवश्यक है। इससे उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ेगी और प्रतिस्पर्धी बाजार में प्रदेश के उत्पादों की मांग भी बढ़ेगी।
योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण को आजीविका से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए कहा कि पर्यावरण अनुकूल मिट्टी से बने उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाए। इससे एक ओर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हथकरघा और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तथा आधुनिक मार्केटिंग नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण कारीगरों और उद्यमियों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश के उत्पादों की अलग पहचान स्थापित करने की रणनीति पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक प्रदेश में 1,331 नई इकाइयों की स्थापना की गई है। इन इकाइयों में 3,302.37 लाख रुपये का पूंजी निवेश हुआ है, जबकि उद्यमियों को 557.18 लाख रुपये की मार्जिन मनी सहायता भी उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण उद्यमियों को नई तकनीक और नए बाजारों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
योगी सरकार की इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


