– बंद के दौरान कई जिलों में हिंसा, आगजनी और पथराव
पटना। 36 दिनों तक चले सीजेपी आंदोलन के समाप्त होने के बावजूद बिहार में इसे लेकर सियासी और छात्र संगठनों का विरोध थमता नहीं दिख रहा है। शुक्रवार को पटना में छात्रों के प्रदर्शन पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वामपंथी संगठनों ने शनिवार को बिहार बंद का आह्वान किया, जिसके दौरान कई जिलों में हिंसा, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
सबसे अधिक तनाव सीवान में देखने को मिला, जहां प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी और कई स्थानों पर जमकर हंगामा हुआ।
राजधानी पटना सहित छपरा, औरंगाबाद, सासाराम, भागलपुर, पूर्णिया और सीतामढ़ी में भी छात्र और वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कई जगहों पर प्रदर्शन उग्र हो गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और वाहनों में आग लगा दी। इससे यातायात बाधित हुआ और आम जनजीवन प्रभावित रहा।
बंद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी।
हालांकि सीजेपी ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है, लेकिन बिहार में छात्रों के विरोध और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल अभी भी गर्म बना हुआ है। विपक्षी दल सरकार पर छात्रों के साथ सख्ती बरतने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है।


