– 10 जिलों से होगी शुरुआत
लखनऊ/यूथ इंडिया। उत्तर प्रदेश सरकार आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में अब स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप (SRG) का गठन किया जाएगा, जिसे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप यह विशेष बल प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रस्तावित योजना के तहत पहले चरण में प्रदेश के 10 जिलों में एसआरजी इकाइयों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 240 चयनित कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन जवानों को NDRF, BSF, ITBP और CISF जैसे प्रतिष्ठित सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन संस्थानों में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में प्रभावी ढंग से राहत और बचाव कार्य कर सकें।
सरकार की योजना के अनुसार एसआरजी को अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और तकनीकी संसाधनों से लैस किया जाएगा। यह विशेष बल भवन ढहने, बाढ़, भूकंप, आग, रासायनिक दुर्घटनाओं और अन्य आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम देगा। तेजी से शहरीकरण और बढ़ती आबादी को देखते हुए इस बल की उपयोगिता और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
समीक्षा बैठकों में यह भी तय किया गया है कि प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं का विस्तार तहसील स्तर तक किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक तहसील तक फायर सर्विस की पहुंच सुनिश्चित हो, जिससे आगजनी जैसी घटनाओं पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।
विशेष रूप से लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर और अन्य तेजी से विकसित हो रहे शहरों में हाईराइज इमारतों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर विशेष अग्निसुरक्षा व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके लिए आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती पर जोर दिया जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश की 350 तहसीलों में से वर्तमान में 296 तहसीलों में फायर स्टेशन संचालित हो रहे हैं। वहीं पिछले नौ वर्षों में फायर सर्विस की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। फायर वाहनों की संख्या 750 से बढ़कर 1660 तक पहुंच गई है। इसके अलावा 26 नए फायर स्टेशन तैयार हो चुके हैं, जबकि 25 अन्य फायर स्टेशनों का निर्माण कार्य जारी है।
योगी सरकार का मानना है कि आधुनिक आपदा प्रबंधन व्यवस्था केवल राहत कार्यों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जोखिम को कम करने और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करने पर भी ध्यान देना होगा। ऐसे में स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप का गठन उत्तर प्रदेश की आपदा प्रबंधन प्रणाली को नई मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।


