– रक्तदान से वृक्षारोपण तक होंगे कार्यक्रम
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 5 जून को होने वाले जन्मदिवस को लेकर विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रवादी संगठनों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। संगठन के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू ने लखनऊ प्रवास के दौरान पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जन्मदिवस को सेवा, समर्पण और जनकल्याण के कार्यक्रमों के माध्यम से मनाने का आह्वान किया।
राघवेंद्र सिंह राजू ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस पर प्रदेश के प्रत्येक जिला अध्यक्ष को रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण अभियान तथा अस्पतालों में भर्ती मरीजों को फल वितरण जैसे जनसेवा कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नेतृत्व का प्रतीक हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि 5 जून को लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में संरक्षक अजीत सिंह सोलंकी की मौजूदगी में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर बधाई संदेशों वाली होर्डिंग्स भी लगाई जाएंगी।
बैठक के दौरान वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री ने महाराजा हर्षवर्धन बैस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संगठन देशभर में सामाजिक समरसता और सामूहिक एकता का अभियान चला रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी 16 जून को जबलपुर तथा 17 जून को शहडोल में संगठन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि क्षात्र धर्म केवल पराक्रम का नहीं बल्कि समाज, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा का भी संदेश देता है। उन्होंने कहा कि न्याय, साहस, निष्ठा और धर्म की रक्षा क्षत्रिय परंपरा के मूल तत्व रहे हैं और वर्तमान पीढ़ी को इन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
बैठक में संगठन की भावी रणनीति, सामाजिक जागरूकता अभियान तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बच्चन सिंह राणा, उत्तर प्रदेश संरक्षक अजीत सिंह सोलंकी, अवध प्रदेश अध्यक्ष वीरपाल सिंह भदौरिया, विकास भदौरिया, अभय कुमार राजावत, प्रदेश महामंत्री आलोक सिंह, बैरिस्टर दिग्विजय सिंह, प्रहलाद सिंह भदौरिया, ब्राह्मण महासभा के प्रचारक हरेंद्र तिवारी, भाजपा नेता एवं कायस्थ महासभा से जुड़े अविनाश श्रीवास्तव सहित अनेक पदाधिकारी और समाजसेवी उपस्थित रहे।


