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Tuesday, June 2, 2026

डीएम की सख्ती : अवैध प्लॉटिंग पर चला प्रशासन का चाबुक

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– तेल माफिया पवन कटियार समेत कई को नोटिस
– एक भाजपा नेता के अवैध प्लॉटिंग के धंधे और गैंग का सीएम दरवार में भी खुलेगा चिटठा

फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भू-माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अब फर्रुखाबाद में जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की सख्त निगरानी और शासन के कड़े निर्देशों के बाद विनियमित क्षेत्र प्रशासन ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार के निर्देशन में नेकपुर कलां स्थित आवास विकास कॉलोनी के निकट बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लॉटिंग पर बड़ा एक्शन लिया गया है।

विनियमित क्षेत्र कार्यालय द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के अनुसार नेकपुर कलां में आवास विकास कालोनी के निकट सरकारी तालाब पाट अवैध प्लॉटिंग कर रहे चर्चित तेल माफिया पवन कटियार पंकज द्वारा लगभग 500 वर्ग मीटर भूमि पर बिना स्वीकृत ले-आउट और मानचित्र के प्लॉटिंग एवं निर्माण कार्य किए जाने में कार्यवाही शुरू हुईं है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि मौके पर किसी प्रकार की वैध स्वीकृति प्रस्तुत नहीं की गई है। मामले में संबंधित पक्ष को 4 जून को कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार प्रशासन की निगाह केवल एक गैंग तक सीमित नहीं है, जसमई आदि क्षेत्र में आयुष रस्तोगी आदि के ऊपर भी प्रशासन की रडार है। नेकपुर कलां और उसके आसपास आवास विकास क्षेत्र के निकट तेजी से विकसित हो रही अवैध प्लॉटिंग की कई शिकायतें शासन तक पहुंची थीं। इसी के बाद जांच शुरू हुई और अब कार्रवाई का पहिया घूमना शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में प्रवीण उर्फ़ शंकर सिंह समेत अन्य लोगों की गतिविधियां भी प्रशासन के रडार पर हैं।
जिले में लंबे समय से कृषि भूमि को बिना अनुमति आवासीय प्लॉटों में बदलकर बेचने का कारोबार फल-फूल रहा था। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर करोड़ों रुपये का खेल चल रहा था, जबकि संबंधित विभागों को इसकी भनक तक नहीं लग रही थी या फिर शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही थी।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने हाल ही में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि, अवैध कॉलोनियों और भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके बाद विनियमित क्षेत्र, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से ऐसे मामलों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई केवल नोटिसों तक सीमित रहेगी या फिर अवैध प्लॉटिंग कर करोड़ों का कारोबार करने वाले लोगों के खिलाफ ध्वस्तीकरण और मुकदमे जैसी कठोर कार्रवाई भी होगी। शहर में चर्चा है कि यदि प्रशासन ने पूरी ताकत से अभियान चलाया तो कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

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