फर्रुखाबाद। भोजपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चा उस समय शुरू हो गई जब समाजसेवी और राजनीतिक रूप से सक्रिय शैलेंद्र राठौर ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। शैलेंद्र राठौर ने साफ शब्दों में कहा कि वह वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
शैलेंद्र राठौर ने खुद को “जन्म से भाजपाई” बताते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों तक पार्टी और जनता के बीच रहकर काम किया है। उनका कहना है कि उन्होंने जनता के दिलों में अपनी जगह बनाई है और जनता का लगातार उन्हें समर्थन मिल रहा है। राठौर ने कहा कि जनता की भावनाओं और समर्थन को देखते हुए वह आगामी विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरने का निर्णय ले चुके हैं।
अपने संबोधन में शैलेंद्र राठौर ने संगठन में अवसरों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बसपा से आए लोग विधायक बन गए और सपा से आए नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां एवं पहचान मिली, लेकिन वर्षों से पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को अपेक्षित सम्मान और अवसर नहीं मिल सके। उन्होंने कहा कि वह जन्म से भाजपा विचारधारा से जुड़े रहे हैं, फिर भी उन्हें संघर्ष और मुकदमों का सामना करना पड़ा।
राठौर ने कहा कि उन्होंने जनता के बीच रहकर काम किया है और जनता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने दावा किया कि लाखों रुपये मुकदमेबाजी और संघर्ष में खर्च हो गए, लेकिन उन्होंने जनता का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसे नेता नहीं हैं जो केवल सत्ता या पद के लिए राजनीति करें, बल्कि जनता की आवाज बनकर काम करना चाहते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट कहा, “मैं चुनाव जरूर लड़ूंगा। जनता का मूड बन चुका है और यदि जनता का आशीर्वाद मिला तो वर्ष 2027 में भोजपुर विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरूंगा।” उनके इस बयान को आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उधर उनके समर्थक भी क्षेत्र में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। गांव-गांव जनसंपर्क अभियान, सामाजिक कार्यक्रमों और बैठकों के माध्यम से समर्थक लगातार माहौल बनाने में जुटे हैं।


