फतेहगढ़। आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह, अनुशासन और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र एवं योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि की योग प्रार्थना के साथ हुआ। इस अवसर पर शिक्षकों, एनसीसी कैडेट्स और विद्यालय परिवार के सदस्यों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में शिक्षक सर्वेश कुमार मिश्र ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से विश्वभर में योग दिवस मनाया जा रहा है।
इस वर्ष की थीम “स्वास्थ्य, ज्ञान और विश्व शांति के लिए योग” रही। कार्यक्रम के दौरान सूर्य नमस्कार, सूक्ष्म व्यायाम, विभिन्न योगासन तथा भस्त्रिका, कपालभाति और प्रणव प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। साथ ही उनके शारीरिक एवं मानसिक लाभों की भी जानकारी दी गई।
विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी ने योग के आध्यात्मिक एवं दार्शनिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए अष्टांग योग की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का माध्यम है। योग के माध्यम से व्यक्ति अपनी इंद्रियों को संयमित कर संतुलित एवं स्वस्थ जीवन जी सकता है।
विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्या एकता साध ने कहा कि “कर्मों में कुशलता ही योग है।” उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव को कम कर सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करता है।
विद्यालय के चेयरमैन ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अनुशासित एवं संतुलित जीवन के लिए भी आवश्यक है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने विश्व शांति, प्रेम, सौहार्द और समस्त प्राणियों के कल्याण का संकल्प लिया। शांति पाठ के साथ योग सत्र का समापन हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण, एनसीसी कैडेट्स एवं विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


