पांच शहरों पर हमला, युद्ध पर अमेरिका ₹3.6 लाख करोड़ खर्च
वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध लगातार और भयावह होता जा रहा है। संघर्ष विराम टूटने के बाद लगातार 11वीं रात अमेरिकी सेना ने ईरान के चाबहार, कोनारक, तबरीज, बेहबहान और ओमीदियेह समेत पांच शहरों में एक साथ हवाई और मिसाइल हमले किए। ईरानी अधिकारियों ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी कार्रवाई का वीडियो जारी किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि ईरान के संदिग्ध भूमिगत परमाणु केंद्र पिकऐक्स माउंटेन पर जल्द ही “बहुत बड़ा और बेहद शक्तिशाली हमला” किया जा सकता है। इसके जवाब में ईरान ने स्पष्ट किया कि यदि हमले नहीं रुके तो वह युद्ध का दायरा पूरे क्षेत्र में और बढ़ा देगा तथा अमेरिका के रणनीतिक ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सीनेट में बताया कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान पर अब तक 37.5 अरब डॉलर (करीब ₹3.6 लाख करोड़) खर्च हो चुके हैं। साथ ही पेंटागन ने युद्ध जारी रखने के लिए 87 अरब डॉलर (करीब ₹8.3 लाख करोड़) की अतिरिक्त राशि की मांग भी की है।
युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी संकट गहरा गया है। ब्रेंट कच्चा तेल 92 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। लाल सागर में हूती विद्रोहियों की धमकियों के बाद सऊदी अरब से भारत और चीन आ रहे तेल टैंकरों ने अपना मार्ग बदल दिया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला किया है, जबकि अमेरिका ने जॉर्डन में हुए ईरानी हमले में एक और लापता सैनिक की मौत की पुष्टि की है। इसके साथ ही इस संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 18 हो गई है।
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यदि ईरान गंभीरता से बातचीत करना चाहता है तो अमेरिका भी वार्ता के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।


