सहारनपुर
कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद ढहाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। सोमवार को सहारनपुर जाने वाले विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल को रोकने के लिए पुलिस ने कई नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया। मेरठ में सपा विधायक अतुल प्रधान को हाउस अरेस्ट किया गया। घर से निकलने की कोशिश पर पुलिस से उनकी तीखी बहस और समर्थकों से धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
प्रधान ने पुलिस से सवाल किया कि उन्हें किस आदेश के तहत रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रतिनिधिमंडल के साथ सहारनपुर जाने को कहा है और वे अधिकारियों को ज्ञापन देने जा रहे हैं। सहारनपुर के सपा विधायक आशु मलिक को भी पुलिस ने रोक दिया। सपा का 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचकर प्रशासन से कार्रवाई की जानकारी मांगने वाला है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता भी अधिकारियों व मस्जिद पक्ष से मुलाकात की तैयारी में हैं।
उधर, कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 16 घंटे चली बुलडोजर कार्रवाई के बाद मस्जिद पूरी तरह ढहा दी गई। मलबा हटाने के दौरान नीचे कुआं मिलने से विवाद और गहरा गया है। प्रशासन ने कुएं को ढक दिया है और उसकी पुरातनता की जांच के लिए एएसआई को बुलाया गया है। मस्जिद पक्ष इसे पुरानी मस्जिद का प्रमाण बता रहा है, जबकि शिकायतकर्ता इसे पुराने धार्मिक स्थल से जुड़ा होने का दावा कर रहे हैं।
मस्जिद को अवैध घोषित किए जाने के बाद प्रशासनिक और न्यायिक कार्रवाई के क्रम में ध्वस्तीकरण किया गया। मस्जिद पक्ष अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है। वहीं, भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच सहारनपुर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।


