कायमगंज में दो गोदाम सीज
करोड़ों की टैक्स चोरी की आशंका
फर्रुखाबाद/कायमगंज। जनपद में कर चोरी और अवैध कारोबार के खिलाफ जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कायमगंज क्षेत्र के गांव कुबेरपुर और अताईपुर जदीद स्थित दो तंबाकू गोदामों पर छापेमारी कर 83 टन (83,000 किलोग्राम) अघोषित तंबाकू जब्त कर सीज कर दी। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के माल का हिसाब-किताब विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज न मिलने से बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की आशंका जताई जा रही है। इस कार्रवाई से तंबाकू कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की टीम मंगलवार दोपहर संयुक्त आयुक्त संतोष कुमार वर्मा के नेतृत्व में कायमगंज पहुंची। टीम ने पूरी गोपनीयता के साथ दोनों स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। गांव कुबेरपुर स्थित अक्सा एंड ब्रदर्स टोबैको कंपनी के गोदाम में अधिकारियों ने मुख्य गेट बंद कर अंदर ही जांच शुरू की, जिससे किसी को कार्रवाई की भनक तक नहीं लग सकी।
जांच के दौरान अक्सा एंड ब्रदर्स के गोदाम से 38 टन और गांव अताईपुर जदीद स्थित लीफ्ट क्राफ्ट इंटरप्राइजेज के गोदाम से 45 टन तंबाकू बरामद हुई, जिसका विभाग के पास कोई वैध कर संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला। दोनों गोदामों में रखी पूरी खेप को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया।
जीएसटी अधिकारियों ने दोनों फर्मों को नोटिस जारी कर तंबाकू के खरीद-बिक्री संबंधी दस्तावेज, ई-वे बिल, टैक्स भुगतान और स्टॉक का पूरा ब्यौरा मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कर निर्धारण, भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, बरामद तंबाकू की बाजार कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है। यदि जांच में कर चोरी की पुष्टि होती है तो संबंधित कारोबारियों पर जीएसटी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई के साथ ब्याज और भारी आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।
कार्रवाई में उप आयुक्त शैलेंद्र सिंह, सहायक आयुक्त मनोज कुमार, दीपा सागर, अमित त्यागी, कर अधिकारी अशोक कुमार सिंह और विनोद गौड़ सहित एसआईबी की टीम शामिल रही। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है और यदि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य गोदाम या कारोबारी सामने आते हैं तो उन पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में तंबाकू बिना वैध कर अभिलेखों के गोदामों तक कैसे पहुंची और अब तक विभागीय निगरानी से कैसे बचती रही। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


