लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के नेत्र रोग विभाग में कथित प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग में आवश्यक सामान और दवाइयों की खरीद को लेकर उठे सवालों के बीच दो सिस्टर इंचार्ज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उपकुलसचिव द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में सिस्टर इंचार्ज कंचन सिंह और सविता देवी से तीन कार्य दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार नेत्र रोग विभाग में आवश्यक चिकित्सा सामग्री और दवाइयों की खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। प्रारंभिक जांच के बाद दोनों सिस्टर इंचार्ज से जवाब-तलब किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। केजीएमयू ने यह भी स्पष्ट किया है कि संस्थान में वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल दोनों सिस्टर इंचार्ज के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। जवाब मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन आगे की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय लेगा।


