एक लेन अधूरी, दूसरी पर दोतरफा यातायात; गंगा तट तक पहुंचना मुश्किल, भीड़ में आपस में टकरा रहे लोग और वाहन
फर्रुखाबाद। पांचाल घाट से सोता बहादुरपुर स्थित स्वर्ग धाम जाने वाला मार्ग इन दिनों बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जहां अंतिम यात्रा भी मुश्किल हो गई है। सड़क की एक लेन सीसी बनाकर तैयार कर दी गई, जबकि दूसरी लेन अधूरी पड़ी है। गंगा तट के किनारे कच्चा रास्ता लगातार वाहनों की आवाजाही से कीचड़ और दलदल में बदल गया है। हालात इतने खराब हैं कि कई लोग शव को कंधे पर रखकर इसी रास्ते से अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने को मजबूर हैं।
रविवार को पांचाल घाट पहुंचे लोगों ने सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जिस मार्ग से रोजाना अंतिम संस्कार के लिए शव और परिजन पहुंचते हैं, उसी रास्ते पर जगह-जगह कीचड़ और दलदल है। बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो जाती है। चारपहिया वाहन फंसने के साथ पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
एक लेन अधूरी, दूसरी पर दोनों तरफ का दबाव
सड़क निर्माण के दौरान एक लेन तैयार कर दी गई, लेकिन दूसरी लेन लंबे समय से अधूरी पड़ी है। मजबूरी में दोनों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहन तैयार लेन से ही निकल रहे हैं। इससे रास्ते पर दबाव बढ़ गया है और कई बार जाम जैसी स्थिति बन जाती है।
अधूरी लेन पर लोग वाहन खड़े कर देते हैं। ऐसे में पहले से संकरा रास्ता और संकरा हो जाता है। गंगा तट की ओर बढ़ने पर कीचड़ और दलदल परेशानी को और बढ़ा देते हैं।
अंतिम यात्रा में भी परेशानी
इस मार्ग की बदहाली का सबसे दर्दनाक असर अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कई बार शव को वाहन से आगे ले जाना संभव नहीं होता, तो परिजन और अन्य लोग कंधे पर शव रखकर दलदली रास्ते से अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचते हैं। भीड़ अधिक होने पर स्थिति और विकट हो जाती है। रास्ता संकरा होने के कारण पैदल आने-जाने वाले लोग और वाहन एक-दूसरे से टकराने से बचते नजर आते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल सड़क की समस्या नहीं, बल्कि रोजाना यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मामला है। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के साथ अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले परिवारों को भी इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।
लोगों ने संबंधित विभाग से अधूरी लेन का निर्माण तत्काल पूरा कराने, दलदली हिस्से को दुरुस्त कराने और गंगा तट तक सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्वर्ग धाम जैसे संवेदनशील स्थल तक पहुंचने वाला मार्ग यदि इसी तरह बदहाल रहा तो आने वाले दिनों में परेशानी और गंभीर हो सकती है।


