– मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप
नई दिल्ली। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक लेटर पिटीशन भेजी गई है। याचिका में शीर्ष अदालत से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग करते हुए आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
याचिका में कहा गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनुचित बल प्रयोग या अवैध कार्रवाई की गई है, तो इसकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
लेटर पिटीशन में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की गई है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि वह पूरे घटनाक्रम की निगरानी में जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दे।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान नागरिकों के संविधान प्रदत्त अधिकारों का हनन हुआ। हालांकि, इन आरोपों पर अभी न्यायालय की ओर से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है और न ही पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि अदालत इस लेटर पिटीशन पर संज्ञान लेती है, तो छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े पूरे घटनाक्रम की न्यायिक समीक्षा का रास्ता खुल सकता है।


