लखनऊ। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने क्रिकेटर विराट कोहली और अन्य लोगों के संत प्रेमानंद महाराज के पास जाने को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग निश्चित रूप से युवाओं को धर्म से जोड़ने का काम कर रहे होंगे और यह एक सकारात्मक सामाजिक संकेत है।
रामभद्राचार्य ने कहा कि संन्यासी का मूल धर्म साधना करना और समाज को सही दिशा देना होता है। उनके अनुसार, जब प्रसिद्ध हस्तियां संतों से जुड़ती हैं तो इससे आम लोगों, विशेषकर युवाओं में आध्यात्मिकता के प्रति रुचि बढ़ती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के संपर्क समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने में मदद करते हैं।


