– जीरो टोलरेंस पर डीएम डॉ अंकुर लाठर की पैनी नजर
फर्रुखाबाद। जनपद में अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत सुनवाई करते हुए 10 मामलों में अहम आदेश पारित किए हैं। इनमें 7 आरोपियों को छह माह के लिए जनपद बदर (निर्वासित) किया गया है, जबकि 3 आरोपियों को निर्धारित अवधि तक प्रत्येक शनिवार संबंधित थाने में अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मई और जून 2026 से संबंधित मामलों की सुनवाई के बाद जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने जयदीप, कुलदीप, नसीम उर्फ वसीम, राजन, अमित यादव उर्फ अंश कुमार, अमित तथा एक अन्य आरोपी के विरुद्ध छह माह के लिए जनपद बदर का आदेश जारी किया है। इन सभी को निर्धारित अवधि तक फर्रुखाबाद जनपद की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त लालाराम, गौरव उर्फ पंडा एवं कमरुल खान के विरुद्ध 2 से 6 माह तक प्रत्येक शनिवार संबंधित थाने में उपस्थित होकर अपनी हाजिरी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।
इसी के साथ जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने गैंगस्टर अधिनियम से जुड़े पांच मामलों में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। अभियुक्त अनुपम दुबे, रामबाबू उर्फ बड़े लल्ला तथा संदीप पाल द्वारा अपराध से अर्जित ₹59 करोड़ 80 लाख 69 हजार 457 की कथित अवैध संपत्ति से संबंधित वादों का निस्तारण करते हुए सभी प्रकरणों को सुनवाई के लिए विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), फर्रुखाबाद की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। अपराध और अपराधियों के विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगी।
अपराधियों पर डीएम की बड़ी कार्रवाई: 7 बदर, 3 को हर शनिवार थाने में हाजिरी के आदेश


