फर्रुखाबाद मेंशहर की ठंडी सड़क स्थित मेंहदी बाग बारगहे जेनेबिया छोटी कर्बला के सामने एक अद्भुत और गमगीन नजारा देखने को मिला। इमाम हुसैन की शहादत की याद में अकीदतमंदों ने दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर मातम मनाया और अपनी अकीदत पेश की।
इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी गहरी आस्था का प्रदर्शन किया। मातम के इस दृश्य में कई अकीदतमंद अपने हाथों में कुरान शरीफ और अलम (इस्लामी झंडा) लिए हुए थे। दहकते अंगारों पर चलने से पूर्व एक अकीदतमंद कुरान लेकर आगे निकला, जिसके ठीक पीछे दूसरा अकीदतमंद अलम लेकर चल रहा था। यह पूरा दृश्य इमाम हुसैन की याद में मातम मनाते हुए देखा गया।
कार्यक्रम स्थल पर अकीदतमंदों द्वारा लगाए जा रहे या हुसैन, या हुसैन” के नारों से पूरा माहौल गमगीन हो गया। इसके बाद मौलाना सय्यद फरहत अली जैदी ने मजलिस को खिताब किया और कर्बला की घटना पर रोशनी डाली।
इस मौके पर अकरम अली ईरानी, असलम अली ईरानी, शादाब जैदी, सैय्यद आफताब हुसैन, सैफ हुसैन आब्दी, अम्मार अली आल इंडिया शिया मुस्लिम महा सभा क़े जिलाध्यक्ष सैय्यद अम्मार अली ज़ैदी कांग्रेस जिलाध्यक्ष आफ़ताब हुसैन पूर्व नगर अध्यक्ष नफीस हुसैन सुनहरी मस्जिद सदर मुंनवर हुसैन हुसैनी टाइगर जिलाध्यक्ष मुन्तज़िर हुसैन ज़ैदी मसरत अली ज़ैदी रहबर आब्दी अली यावर ज़ैदी जावेद हुसैन इंतजार हुसैन मोहसिन काजमी मुदास्सर काजमी हुसैन अली ज़ैदी अली मोहम्मद शोएब ज़ैदी सैफ हुसैन आदि लोग मौजुद रहे
सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
दहकते अंगारों पर चले लोग, मजलिसों को मौलाना ने किया खिताब


