फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में 50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़कों को छोड़कर जनपद में विभिन्न विभागों द्वारा कराई जा रही निर्माण परियोजनाओं की विभागवार एवं परियोजनावार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की वर्तमान प्रगति, पूर्णता की स्थिति तथा निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएं और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।
डीएम ने अधिकारियों को नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की गति धीमी है, उनमें तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए काम में तेजी लाई जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी अथवा संस्था की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने तथा पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों को नियमानुसार संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। कार्यदायी संस्थाओं से निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने और भौतिक एवं वित्तीय प्रगति में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने को कहा गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर विभिन्न योजनाओं की रैंकिंग की भी समीक्षा की। उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना, 108 एवं 102 एम्बुलेंस संचालन, जिला चिकित्सालय में सीटी मशीन की क्रियाशीलता, अंडा उत्पादन, गौवंश सुपुर्दगी, मत्स्य उत्पादन, निराश्रित महिला पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन की रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि संबंधित योजनाओं की प्रगति और रैंकिंग में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति बेहतर करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी वीरेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


