नई दिल्ली: दिल्ली के चांदनी चौक (Chandni Chowk) स्थित अंग्रेजों के दौर के प्राचीन श्री शिव नवग्रह मंदिर से चोरी हुई शनिदेव (Shanidev) की अष्टधातु मूर्ति आखिरकार बरामद कर ली गई है। पुलिस ने इस मामले में मूर्ति चुराने वाले आरोपी के साथ उसे खरीदने वाली एक महिला को भी गिरफ्तार किया है। मूर्ति को कथित तौर पर लाल किले के पास अंगूरी बाग इलाके में मात्र चार हजार रुपये में बेचा गया था।
मंदिर के पुजारी मुकेश शर्मा के अनुसार, शुरुआत से ही आशंका थी कि चोरी की गई मूर्ति अंगूरी बाग इलाके में बेची जा सकती है। इसी शक के आधार पर मंदिर से जुड़े एक भक्त आरोपी की तस्वीर लेकर इलाके में लगातार जानकारी जुटा रहे थे।
गुरुवार देर रात उन्हें सूचना मिली कि संदिग्ध मूर्ति इलाके की एक दुकान में मौजूद है। इसके बाद तुरंत पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और दुकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान शनिदेव की मूर्ति बरामद हो गई। पूछताछ में दुकान संचालिका महिला ने स्वीकार किया कि उसने यह मूर्ति चार हजार रुपये में खरीदी थी।
मूर्ति बरामद होने से मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है। दरअसल, शनिवार को शनि जयंती के अवसर पर निकलने वाली पारंपरिक नवग्रह परिक्रमा में इसी मूर्ति को शामिल किया जाना था। मंदिर प्रबंधन को डर था कि समय रहते मूर्ति नहीं मिली तो वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा प्रभावित हो सकती है।
पुजारी मुकेश शर्मा ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए शुक्रवार को कोर्ट में आवेदन किया जाएगा, जिसके बाद मूर्ति मंदिर को सौंप दी जाएगी। इसके उपरांत शनिदेव की मूर्ति को पुनः विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाएगा। शनि जयंती के अवसर पर शनिवार सुबह विशेष अभिषेक, महालड्डू भोग और प्रसाद वितरण का आयोजन होगा। वहीं शाम चार बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो आसपास के कई प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी।


