आसमपुर विद्यालय में अनाथ छात्र कृष्णा प्रकरण में शिक्षा विभाग की कार्रवाई अधूरी होने पर उठे सवाल
अमृतपुर/फर्रुखाबाद: विकासखंड राजेपुर के गांव आसमपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 3 के अनाथ छात्र कृष्णा के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के मामले में प्रकाशित यूथ इंडिया की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने प्रधानाध्यापिका नीलम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
गौरतलब है कि मिड-डे मील के दौरान छात्र कृष्णा ने भूख अधिक लगने पर थोड़ा अतिरिक्त दूध और दो रोटी मांग ली थी। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर प्रधानाध्यापिका ने छात्र को डांटा और उसके साथ मारपीट की। घटना के बाद बच्चा रोते हुए घर पहुंचा था, जिसके बाद मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। यूथ इंडिया द्वारा खबर प्रकाशित किए जाने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई की गई।
हालांकि पूरे मामले में मौके पर पहुंचे एआरपी की भूमिका को लेकर अब भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के समय मौजूद एआरपी द्वारा मामले को गंभीरता से लेने के बजाय समझौते और मामले को शांत कराने का प्रयास किया गया। लोगों का कहना है कि जब पूरे मामले में एक शिक्षक पर कार्रवाई की गई है तो मौके पर मौजूद अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि अब तक एआरपी के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई की जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।


