– गैस आपूर्ति में सुधार और सख्ती का संतुलन: औरैया बना मॉडल जिला।
– जनता को राहत, कालाबाजारी पर वार: पूर्ति विभाग की सख्त कार्यवाही।
– हर जरूरत का समाधान: शादी-समारोह तक के लिए आसान गैस उपलब्धता व्यवस्था
अनुराग तिवारी
औरैया: जिला औरैया में आमजन की सुविधा और पारदर्शिता को केंद्र में रखकर कार्य कर रहे जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी राजेश पटेल की कार्यशैली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी देखरेख में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था न केवल सुचारु रूप से संचालित हो रही है, बल्कि उपभोक्ताओं की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए एक जिम्मेदार और संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण भी देखने को मिल रहा है। जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा। साथ ही, अवैध गैस सिलेंडर की जमाखोरी पर सख्त नजर रखते हुए नियमित चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। यह कदम न केवल कालाबाजारी पर रोक लगाने में सहायक है, बल्कि वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता भी सुनिश्चित करता है।
विशेष रूप से शादी समारोह, पारिवारिक आयोजनों एवं अन्य कार्यक्रमों के लिए कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की व्यवस्था एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आई है। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए स्पष्ट और सरल प्रक्रिया निर्धारित की गई है—जिसमें कार्यक्रम का कार्ड (प्रूफ) और एक प्रार्थना पत्र कार्यालय में प्रस्तुत करना होता है। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार समय पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। यह व्यवस्था उन परिवारों के लिए बेहद राहतकारी साबित हो रही है, जो बड़े आयोजनों में गैस की कमी से जूझते थे। साथ ही, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट की पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है, जिसे सिलेंडर वापसी पर उपभोक्ताओं को पूर्ण रूप से लौटा दिया जाता है। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास भी बना हुआ है और प्रणाली में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो रही है। कुल मिलाकर, जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी राजेश पटेल की कार्यप्रणाली जनहित, पारदर्शिता और जवाबदेही का एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उनके नेतृत्व में खाद्य एवं गैस आपूर्ति विभाग आमजन की जरूरतों को समझते हुए प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है, जो निश्चित रूप से प्रशासनिक सेवा के क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश देता है।


