37 C
Lucknow
Friday, May 15, 2026

बुजुर्ग मां की आंखों में फिर जगी उम्मीद, डीएम डॉ. अंकुर लाठर की संवेदनशीलता ने छुआ दिल

Must read

90 वर्षीय वृद्धा को खुद बुलाकर सुनी पीड़ा

पेंशन प्रकरण दबाने पर विभाग से मांगा जवाब

डीएम बोलीं— “बुजुर्गों को न्याय और सम्मान दोनों मिलेगा”

फर्रुखाबाद: करीब 90 वर्ष की उम्र पार कर चुकीं एक बुजुर्ग मां की कांपती आवाज और न्याय की उम्मीद में थके कदमों को आखिरकार जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के दरबार में सहारा मिल गया। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने न सिर्फ वृद्ध माँ को सम्मानपूर्वक अपने सामने बैठाकर पूरी बात सुनी, बल्कि संबंधित विभाग की लापरवाही पर सख्त नाराजगी भी जताई।

किराना बाजार निवासी मीना कुमारी सक्सेना वर्ष 2019 से अपने दिवंगत पति की परिवार पेंशन, बकाया भुगतान और सेवा पुस्तिका से जुड़ी जानकारी के लिए लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। उम्र के इस पड़ाव पर जहां सहारे और सम्मान की जरूरत होती है, वहां यह बुजुर्ग वर्षों से फाइलों के बोझ तले न्याय तलाशती रहीं ।

बताया गया कि दिवंगत कर्मचारी का अंतिम पद “ट्रक चालक” दर्ज होने के बावजूद अब तक सही पेंशन निर्धारण नहीं किया गया। कई बार आश्वासन मिला, लेकिन न तो लिखित गणना दी गई और न ही बकाया भुगतान हुआ। परिवार का आरोप है कि विभाग और कोषागार कार्यालय लगातार टालमटोल करते रहे।

मामले में शिकायत संख्या 40015925020869 को औपचारिक रूप से बंद किए जाने पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से स्पष्ट जवाब तलब किया कि आखिर शिकायत किस आधार पर बंद की गई।

सूत्रों के अनुसार डीएम ने बुजुर्ग माँ से बेहद आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले का निस्तारण कानून और प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। डीएम की इस मानवीय कार्यशैली ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। जिलाधिकारी की सख्ती के बाद विभागीय कार्यालयों में हलचल तेज हो गई है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article