– 4 साल की बच्ची के मामले में अस्पतालों की भूमिका भी कटघरे में
नई दिल्ली/गाजियाबाद। चार साल की बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए जांच को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। शीर्ष अदालत ने साफ कहा है कि मामले की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी ) से कराई जाएगी और इसकी निगरानी उच्च स्तर पर सुनिश्चित की जाए।
अदालत ने यूपी के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि तुरंत एसआईटी का गठन किया जाए। इस टीम में तीन महिला अधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल करने का आदेश दिया गया है, ताकि संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ जांच आगे बढ़ सके।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार द्वारा उठाए गए हर बिंदु की गहन और स्वतंत्र जांच की जाए। परिवार ने पहले जांच प्रक्रिया और इलाज को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे, जिस पर कोर्ट ने विशेष ध्यान दिया है।
सबसे अहम पहलू यह है कि अदालत ने निजी अस्पतालों की भूमिका की भी जांच के आदेश दिए हैं। बच्ची के इलाज में कहीं लापरवाही या अनियमितता तो नहीं हुई इस एंगल पर भी एसआईटी विस्तार से जांच करेगी। यह निर्देश सीधे तौर पर स्वास्थ्य तंत्र की जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि जांच प्रक्रिया और चिकित्सा व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़ा करता है। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर हुई चूक को अब शीर्ष स्तर से ठीक करने की कोशिश हो रही है।
गाजियाबाद दुष्कर्म कांड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त एसआईटी जांच के आदेश


