अयोध्या।
राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी और चोरी के आरोपों ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोमवार से अयोध्या पहुंचकर जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में दान की रकम गिनने वाले वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों की सूची मांगी गई है, जबकि उनके परिजनों की आर्थिक स्थिति और संपत्ति की भी पड़ताल किए जाने की तैयारी है। मामले ने अब राजनीतिक गलियारों से लेकर संत समाज तक हलचल मचा दी है।
एसआईटी ने गणना कक्ष से शुरू की पड़ताल
लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अगुवाई में गठित एसआईटी ने राम मंदिर परिसर के गणना कक्ष का निरीक्षण किया। जांच टीम दान पेटियों से नकदी निकालने, उसकी गिनती, रिकॉर्डिंग और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया का परीक्षण कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों की भूमिका और पूरी व्यवस्था को जांच के दायरे में लिया गया है।
कर्मचारियों और रिश्तेदारों की संपत्ति की होगी जांच
सूत्रों के अनुसार एसआईटी उन कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति का भी परीक्षण करेगी जो पिछले वर्षों में चढ़ावे की गिनती में शामिल रहे हैं। मंदिर में नियुक्ति के बाद उनकी संपत्ति में हुए बदलाव और उनके करीबी रिश्तेदारों की आर्थिक प्रगति की भी जांच की जाएगी।
अखिलेश यादव का तंज, बोले- वापस रख दीजिए चढ़ावा
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी ने चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी की है तो कैमरे बंद करके वह रकम वापस रख दे, भगवान उसे माफ कर देंगे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे की जांच होना सनातन परंपरा के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
अवधेश प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जांच की मांग की
अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने राज्य सरकार की एसआईटी पर भरोसा न जताते हुए मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित स्वतंत्र समिति से कराने की मांग की। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
ब्रजेश पाठक का पलटवार
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग राम मंदिर के चढ़ावे पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें अन्य धार्मिक स्थलों पर मिले चंदे की भी चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।
विनय कटियार बोले- दोषी बच नहीं पाएंगे
राम मंदिर आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने कहा कि चढ़ावे में गड़बड़ी अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने दावा किया कि जांच आगे बढ़ने पर दोषी या तो जेल जाएंगे या फिर जिम्मेदारी से बच नहीं पाएंगे।
पूर्व लेखापाल ने लगाए गंभीर आरोप
राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व लेखापाल महिपाल सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने पहले भी कथित गड़बड़ी पकड़ी थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज भी हटाई गई थी।
चंपत राय ने आरोपों को बताया निराधार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर की आय और चढ़ावे का नियमित ऑडिट कराया जाता है। उन्होंने दावा किया कि व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है और किसी प्रकार की हेराफेरी की बात सही नहीं है।
संतोष दुबे का बड़ा दावा
धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि मंदिर व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों की संपत्ति पिछले कुछ वर्षों में असामान्य रूप से बढ़ी है। उन्होंने कुछ व्यक्तियों के करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाने के दावे करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
सियासत से लेकर संत समाज तक मचा घमासान
राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब केवल जांच का विषय नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक दलों, संत समाज और सामाजिक संगठनों के बीच बहस का केंद्र बन गया है। एक ओर एसआईटी सात दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और पंद्रह दिन में अंतिम रिपोर्ट देने की तैयारी में है, वहीं पूरे देश की निगाहें इस बहुचर्चित जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।


