लखनऊ: प्रतीक यादव (Pratik Yadav) के आकस्मिक निधन के मामले में उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है, जिसमें मौत के तकनीकी और चिकित्सीय कारणों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक यादव की मृत्यु का मुख्य कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) रहा, यानी उनके फेफड़ों की धमनियों (रक्त वाहिका) में खून का एक बड़ा थक्का (Blood Clot) फंस गया था। इस स्थिति के कारण फेफड़ों तक होने वाला खून और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक पूरी तरह बाधित हो गया। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को बेहद गंभीर माना जाता है, जिसमें मरीज को संभलने का मौका मिलना बहुत मुश्किल होता है।
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऑक्सीजन और रक्त की सप्लाई अचानक रुकने से उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। रक्त प्रवाह बाधित होने के कारण दिल के दाहिने हिस्से पर अत्यधिक दबाव (Pressure) बढ़ गया था। बड़ा ब्लड क्लॉट बनने की वजह से उनकी सांसें अचानक थम गईं, जो अंततः उनकी मृत्यु का कारण बना।
बता दें कि प्रतीक यादव कई दिनों से बीमार थे, अखिलेश यादव उन्हें खुद देखने अस्पताल पहुंचे थे, उनकी तबीयत बिगड़ने पर कुछ समय पहले उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां खुद अखिलेश यादव भी उनसे मिलने पहुंचे थे। इलाज के बाद हालत में थोड़ी सुधार होने पर उन्हें घर लाया गया था, लेकिन बुधवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इधर, सिविल अस्पताल के CMS देवेश चंद्र पांडे ने प्रतीक की मौत कहा कि 5:30 से 5:45 के बीच सूचना मिली. 5:55 बजे प्रतीक को ICU लाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। CMS के बयान से साफ है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रतीक की मौत हो गई थी। मामले में आगे की जांच जारी है। शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध पॉइजनिंग का लगा, जिसके चलते शव को पोस्टमार्टम के लिए KGMU भेजा गया।
परिवारजनों के अनुसार प्रतीक यादव लंबे समय से फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे और कुछ दिन पहले उन्हें मेदांता अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि आज तड़के अचानक तबीयत बिगड़ने पर अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट उन्हें सिविल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे, उस समय अपर्णा यादव शहर से बाहर थी।


