फर्रुखाबाद। जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद बारदाना (बोरों) की कमी के चलते गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। जिले में संचालित 44 क्रय केंद्रों में से अधिकांश पीसीएफ केंद्रों पर पिछले करीब एक सप्ताह से खरीद कार्य ठप पड़ा है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जिले में कुल 44 केंद्रों में छह खाद्य विभाग, तीन एफसीआई तथा 35 पीसीएफ के केंद्र शामिल हैं। बारदाना की कमी के कारण सोमवार को 25 क्रय केंद्रों पर एक दाना गेहूं भी नहीं खरीदा जा सका, जबकि मंगलवार को सातनपुर मंडी में भी खरीद कार्य नहीं हो पाया।
पीसीएफ जिला प्रबंधक अरुण कुमार ने बताया कि बारदाना उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग की है। विभाग से पर्याप्त बोरे न मिलने के कारण पीसीएफ के दो-चार केंद्रों को छोड़कर लगभग सभी केंद्रों पर खरीद प्रभावित है।
उन्होंने बताया कि क्रय केंद्रों से गेहूं का उठान किया जा रहा है और हाल ही में बारिश के दौरान गेहूं खराब होने के मामले में परिवहन ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। हुए नुकसान की भरपाई भी ठेकेदार से कराई जाएगी। साथ ही, उठान की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि पीसीएफ को करीब 80 हजार बोरे उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 60 हजार बोरे उपयोग में लाए जा चुके हैं और 20 हजार बोरे शेष हैं। अतिरिक्त बोरों को एक केंद्र से दूसरे केंद्र पर ऑनलाइन ट्रांसफर करने की व्यवस्था है। शासन के निर्देशानुसार उपभोग प्रमाणपत्र के बिना नए बोरे आवंटित नहीं किए जा सकते। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि कानपुर से जल्द ही अतिरिक्त बारदाना मिलने की उम्मीद है।
बारदाना संकट के चलते किसानों की फसल की खरीद प्रभावित होने से उन्हें बाजार में कम दाम पर गेहूं बेचने की मजबूरी भी झेलनी पड़ सकती है।


