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Friday, April 24, 2026
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हमीरपुर में शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क, थाना जरिया क्षेत्र में पैदल गश्त तेज

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हमीरपुर जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना जरिया पुलिस ने क्षेत्र में सक्रियता दिखाते हुए प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त की।

गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी और संदिग्ध व्यक्तियों व गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखी। इस दौरान आमजन से संवाद स्थापित कर सुरक्षा संबंधी जानकारी भी साझा की गई, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सहयोग को बढ़ावा मिले।

पुलिस का कहना है कि इस तरह की गश्त का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बनाए रखना और अपराधियों में भय पैदा करना है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जनपद में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी नियमित रूप से गश्त अभियान जारी रहेगा, ताकि आमजन को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

स्थगन आदेश की अवहेलना का आरोप, पीड़िता ने एसडीएम से मांगा न्याय

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जलालाबाद (शाहजहांपुर), 18 अप्रैल। तहसील जलालाबाद क्षेत्र में न्यायालय के स्थगन आदेश की कथित अवहेलना का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। मोहल्ला जमदग्नि नगर निवासी पीड़िता सरोजनी देवी पत्नी स्वर्गीय शिवकुमार शर्मा उर्फ साधूराम ने शुक्रवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जलालाबाद को लिखित शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता का वाद संख्या 9976/2025, ग्राम सराय साधौ स्थित विवादित भूमि को लेकर “सरोजनी देवी आदि बनाम राजकुमार शर्मा आदि शीर्षक से धारा 116 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के अंतर्गत न्यायालय में विचाराधीन है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए माननीय न्यायालय ने 12 मार्च 2026 को यथास्थिति बनाए रखने हेतु स्थगन (स्टे) आदेश जारी किया था।
पीड़िता का आरोप है कि उक्त आदेश के बावजूद प्रतिवादी पक्ष ने न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी करते हुए विवादित भूमि पर मिट्टी डालकर भराव कार्य करा दिया। उनका कहना है कि यह कृत्य न केवल न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है, बल्कि उनके वैधानिक अधिकारों का भी खुला उल्लंघन है।
सरोजनी देवी ने एसडीएम से मांग की है कि विवादित भूमि पर डाली गई मिट्टी को तत्काल हटवाया जाए तथा आदेश की अवहेलना करने वाले आरोपितों—राजकुमार शर्मा (निवासी जमदग्नि नगर) एवं सतीश शर्मा (निवासी दयाल नगर, जलालाबाद) आदि—के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी जलालाबाद ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की निगाहें टिकी

भ्रष्टाचार और माफिया गठजोड़ पर गिरी गाज, एक जनप्रतिनिधि की भूमिका पर भी संज्ञान

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फर्रुखाबाद: लंबे समय से पनप रहे भ्रष्टाचार, माफिया संरक्षण और प्रशासनिक मनमानी पर आखिरकार शासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए जिलाधिकारी को पद से हटा दिया। जिले में खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा था, जातिवाद को संरक्षण मिल रहा था और माफिया तंत्र को बेलगाम छूट दी गई थी। इतना ही नहीं, दागी और विवादित लोगों के घरों और कार्यक्रमों में अधिकारियों की मौजूदगी ने प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

सबसे चौंकाने वाला मामला नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय से जुड़ा सामने आया, जहां जून 2025 में सेवानिवृत्त हो चुके विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता दीपेंद्र पाल डीके से खुलेआम सरकारी काम कराए जा रहे थे। नियमों को ताक पर रखकर इस तरह की व्यवस्था चलने की शिकायत जब शासन तक पहुंची तो बीते रविवार उन्हें सरकारी आवास खाली करना पड़ा। इससे साफ संकेत मिला कि सिस्टम के भीतर मिलीभगत कितनी गहरी थी।

सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्यों में जमकर उगाही हो रही थी और नगर पालिकाओं में बिना प्रक्रिया के फाइलों को तत्काल वित्तीय मंजूरी दी जा रही थी। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका और भी गहरा गई। वहीं जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के कार्यकाल के कई फैसले अब जांच के दायरे में आ गए हैं, जिनमें पक्षपात और नियमों की अनदेखी के आरोप शामिल हैं।

माफिया अनुपम दुबे और उसके परिवार को संरक्षण देने का मुद्दा भी इस कार्रवाई का बड़ा कारण बना। आरोप है कि उनकी पत्नी को खुलेआम सरकारी मंचों पर जगह दी जा रही थी, जिसकी शिकायत शासन तक पहुंची। इसके अलावा गैंगस्टर मामलों में धीमी कार्रवाई और कानून व्यवस्था के प्रति ढीला रवैया भी शासन के निशाने पर रहा।

पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि फर्रुखाबाद में प्रशासनिक तंत्र पर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे और अब शासन ने सख्त संदेश देते हुए कार्रवाई की है। आने वाले दिनों में जांच की आंच और तेज होने की संभावना है, जिससे कई और बड़े नामों के सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

यूथ इंडिया की मुहिम का बड़ा असर, फर्रुखाबाद में डीएम बदले, बनाये गए विशेष सचिव

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फर्रुखाबाद। जिले में लंबे समय से उठ रहे भ्रष्टाचार के मुद्दों ने आखिरकार शासन को निर्णायक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। “यूथ इंडिया” की लगातार चल रही खोजी मुहिम, जमीनी रिपोर्टिंग और दस्तावेजी खुलासों के बाद अब मामला सीधे सत्ता के शीर्ष तक पहुंचा, जिसके बाद बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। मेला श्री रामनगरिया की व्यवस्थाओं से लेकर लोक निर्माण, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में कथित गड़बड़ियों की शिकायतें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखी गईं।

सूत्रों का दावा है कि शिकायतों में वित्तीय अनियमितताओं, ठेकेदार-प्रशासन गठजोड़, अधूरे विकास कार्यों को पूर्ण दिखाने और गुणवत्ता में भारी कमी जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। खासतौर पर मेला श्री रामनगरिया जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों ने शासन की छवि पर भी असर डाला। बताया जा रहा है कि कई मामलों में भुगतान तो पूरा कर दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य अधूरे या मानकों से नीचे पाए गए।

इन्हीं शिकायतों के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी को हटाने का निर्णय लिया गया। यह तबादला सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से अलग माना जा रहा है, क्योंकि इसके पीछे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के आरोपों और लगातार बढ़ते जनदबाव को वजह बताया जा रहा है।

अब जिले की कमान अंकुर लाठर को सौंपी गई है, जिन्हें सख्त और ईमानदार प्रशासनिक छवि के लिए जाना जाता है। प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि नए जिलाधिकारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती भ्रष्टाचार के जाल को तोड़ना, लंबित परियोजनाओं की निष्पक्ष जांच कराना और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना होगी।

जिले में यह भी चर्चा है कि “यूथ इंडिया” द्वारा उजागर किए गए मामलों में कई विभागों के अधिकारी और ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध रही है। यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होती है, तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर कार्रवाई और कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में पहले से लागू “जीरो टॉलरेंस” नीति को अब जिलों में जमीन पर उतारने का दबाव बढ़ रहा है। फर्रुखाबाद का यह मामला उसी दिशा में एक संकेत माना जा रहा है, जहां मीडिया और जनदबाव के चलते शासन को सख्त कदम उठाने पड़े।

फिलहाल पूरे जिले की निगाहें नए जिलाधिकारी के पहले कदम पर टिकी हैं। क्या वाकई फर्रुखाबाद में भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू होगी या फिर यह बदलाव भी केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगा—यही आने वाले समय में तय करेगा कि “यूथ इंडिया” की मुहिम सिस्टम को कितना बदल पाती है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

UP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 10 जनपदों के DM बदले, 14 अफसरों को किया गया इधर से उधर

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़े स्तर पर IAS अधिकारियों के तबादले (transferred) किए हैं। अलीगढ़, अयोध्या, बाराबंकी, गाजीपुर सहित कई जिलों में नए जिलाधिकारी तैनात किए गए हैं। अविनाश कुमार को अलीगढ़, शशांक त्रिपाठी को अयोध्या और इशान प्रताप सिंह को बाराबंकी की जिम्मेदारी मिली है। साथ ही शासन स्तर पर भी कई अधिकारियों को अहम विभागों में नई तैनाती दी गई है।

यूपी में आईएएस अधिकारियों के बड़े ट्रांसफर की लिस्ट आई है। कल 40 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर्स के बाद आज फिर 24 अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया। आज सोमवार को कुल 10 जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं।

इसके साथ ही IAS अरविंद सिंह, अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद को एटा का नया DM बनाया गया है। IAS अमित आसेरी, विशेष सचिव, लोक निर्माण विभाग को बांदा का नया DM बनाया गया है। गाजीपुर DM अविनाश कुमार को अलीगढ़ का नया DM बनाया गया है। IAS अंकुर लाठर, उपाध्यक्ष बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण को फर्रुखाबाद का नया DM बनाया गया है।

IAS कविता मीना, उपाध्यक्ष मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को हापुड़ का नया DM बनाया गया है। IAS चर्चित गौड़, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण कानपुर नगर को सोनभद्र का नया DM बनाया गया है। IAS ईशा प्रिया, विशेष सचिव पर्यटन विभाग को अंबेडकर नगर का नया DM बनाया गया है। इसके साथ ही बाराबंकी के DM रहे शशांक त्रिपाठी को अयोध्या की कमान दी गई है। IAS ईशान प्रताप सिंह बाराबंकी का नया DM बनाया गया है। अभी तक ईशान प्रताप सिंह विशेष सचिव मुख्यमंत्री और नागरिक उड्डयन विभाग के पद पर तैनात थे।

यूपी में सोमवार को 24 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है.

एमबीबीएस डॉक्टर से बनीं आईएएस: डॉ. अंकुर लाठर को फर्रुखाबाद की कमान

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पहली बार संभालेंगी जिलाधिकारी पद

फर्रुखाबाद

नई जिलाधिकारी के रूप में एक तेज तर्रार और प्रेरणादायक व्यक्तित्व मिला है। वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी डॉ. अंकुर लाठर को जिले की कमान सौंपी गई है। यह उनके प्रशासनिक करियर में जिलाधिकारी के रूप में पहली तैनाती है, जिसे लेकर प्रशासनिक महकमे और जनपद में खासा उत्साह देखा जा रहा है। हरियाणा के हिसार जनपद के राजगढ़ गांव में 13 दिसंबर 1989 को जन्मी डॉ. अंकुर लाठर ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और जज्बे के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
डॉ. अंकुर लाठर के पिता करण सिंह लाठर पेशे से पशु चिकित्सक हैं, जिनसे उन्हें बचपन से ही सेवा भाव की प्रेरणा मिली। शुरुआती शिक्षा से ही वह पढ़ाई में मेधावी रहीं—उन्होंने हाईस्कूल में 94 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 91 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने पीएमटी परीक्षा पास कर देश के प्रतिष्ठित संस्थान एम्स, नई दिल्ली से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की और करीब दो वर्षों तक चिकित्सा सेवा भी दी।
हालांकि, एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर होने के बावजूद उनके मन में देश सेवा का जुनून और बड़ा लक्ष्य हासिल करने की चाह थी। इसी प्रेरणा के चलते उन्होंने सिविल सेवा की राह चुनी। वर्ष 2013 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। आखिरकार वर्ष 2016 में उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 77वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार किया।
डॉ. अंकुर लाठर इससे पहले बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थीं, जहां उन्होंने अपने सख्त प्रशासनिक रवैये और कार्यकुशलता से अलग पहचान बनाई। अब फर्रुखाबाद की जिलाधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति को जिले के विकास, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उनकी यह सफलता की कहानी युवाओं, खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है कि असफलता के बाद भी दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।