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Friday, April 24, 2026
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हमीरपुर में प्रशासनिक बदलाव: घनश्याम मीणा उन्नाव स्थानांतरित, अभिषेक गोयल बने नए जिलाधिकारी

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उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए हमीरपुर के जिलाधिकारी घनश्याम मीणा का तबादला कर उन्हें उन्नाव भेज दिया है। उनकी जगह अभिषेक गोयल को हमीरपुर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के बाद जिले में इस बदलाव को अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

घनश्याम मीणा ने 14 सितंबर 2024 को हमीरपुर के जिलाधिकारी का कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल में कई उल्लेखनीय पहलें देखने को मिलीं। खासतौर पर महोबा और हमीरपुर की मौदहा तहसील से गुजरने वाली लगभग 68 किलोमीटर लंबी चंद्रावल नदी को पुनर्जीवित करने की मुहिम को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो वर्षों से अपना अस्तित्व खो चुकी थी।

जिलाधिकारी मीणा ने ‘मिशन जलोदय’ और ‘नमामि गंगे’ योजना के तहत इस नदी के पुनर्जीवन का अभियान चलाया। इस दौरान समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ी और नदी को पुनर्जीवित करने की दिशा में ठोस काम हुआ।

उनके कार्यकाल की एक और बड़ी उपलब्धि हमीरपुर द्वारा 516 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह करना रहा। इस उपलब्धि के साथ जनपद ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, जो प्रशासनिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

वहीं, नए जिलाधिकारी अभिषेक गोयल इससे पहले खाद्य एवं रसद विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे। अब उनके सामने हमीरपुर जिले की प्रशासनिक जिम्मेदारी होगी। खासकर बढ़ती गर्मी के बीच ‘जल जीवन मिशन’ के तहत हर घर तक पेयजल पहुंचाना उनकी प्राथमिकता में शामिल रहेगा, क्योंकि मौदहा और सरीला तहसील के कई गांवों में हर वर्ष गंभीर जल संकट उत्पन्न होता है। अब देखना होगा कि नए जिलाधिकारी इस चुनौती से निपटने के लिए क्या रणनीति अपनाते हैं।

तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को रौंदा,मां-बेटे की मौके पर मौत, पिता-बेटी गंभीर

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औरैया

जनपद के ऐरवाकटरा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को पल भर में उजाड़ दिया। तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार परिवार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे महिला और उसके तीन वर्षीय मासूम बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पति और सात माह की मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक पर सवार परिवार सड़क से गुजर रहा था, तभी अचानक तेज गति से आ रहे ट्रक ने नियंत्रण खोते हुए बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला और बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अन्य दो सदस्य सड़क पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरे को उजागर करता है। प्रशासन लगातार लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करता रहा है, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

तंबाकू व्यवसाई के घर चोरी का मामला,नगदी और जेवरात समेत लाखों की बरामदगी, पुलिस ने 72 घंटे में किया खुलासा

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कायमगंज/फर्रुखाबाद

कोतवाली कायमगंज पुलिस ने पटवनगली में हुई सनसनीखेज चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी हुआ कैश और लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। पकड़े गए। दोनों युवक पड़ोसी ही निकले, जिन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी।
मोहल्ला पटवन गली निवासी तंबाकू व्यवसाई बृजेश चंद्र शर्मा 16 अप्रैल को अपने परिवार के साथ पुत्र के घर जन्मदिन पार्टी में गए थे। इसी दौरान चोरों ने छत के रास्ते घर में प्रवेश कर अलमारी से नकदी और जेवरात पार कर दिए थे। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना के बाद शहर में हड़कंप मच गया। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ल व उपनिरीक्षक अंकुर भाटी की टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस ने साईं मंदिर के पास पटवन गली से सौरभ उर्फ अंशू और कार्तिक तंतवार को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से चोरी का सारा सामान बरामद हुआ,
जिसमें 35,000 नगद,
2 चैन, 3 पैंडल, 7 अंगूठी, 2 मंगलसूत्र, 1 जोड़ी बाली और 1 जोड़ी कुंडल (पीली धातु)। चांदी की 12 जोड़ी पायल, 4 जोड़ी बिछुआ, 5 सिक्के और 1 चाबी
2 आधार कार्ड बरामद हुए।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्हें पता था कि शर्मा परिवार बाहर जा रहा है। मौका पाकर उन्होंने छत पर जाल से अन्दर गए। वहां लगे चैनल के जरिए घर में प्रवेश किया। आरोपियों ने पुलिस के सामने कहा, साहब, हमें रुपयों की बहुत जरूरत थी, इसलिए यह पहली चोरी की। अब दोबारा ऐसा नहीं करेंगे।
पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। जहां से जेल भेजा जाएगा।

हमीरपुर में शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क, थाना जरिया क्षेत्र में पैदल गश्त तेज

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हमीरपुर जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना जरिया पुलिस ने क्षेत्र में सक्रियता दिखाते हुए प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त की।

गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी और संदिग्ध व्यक्तियों व गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखी। इस दौरान आमजन से संवाद स्थापित कर सुरक्षा संबंधी जानकारी भी साझा की गई, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सहयोग को बढ़ावा मिले।

पुलिस का कहना है कि इस तरह की गश्त का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बनाए रखना और अपराधियों में भय पैदा करना है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जनपद में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी नियमित रूप से गश्त अभियान जारी रहेगा, ताकि आमजन को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

स्थगन आदेश की अवहेलना का आरोप, पीड़िता ने एसडीएम से मांगा न्याय

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जलालाबाद (शाहजहांपुर), 18 अप्रैल। तहसील जलालाबाद क्षेत्र में न्यायालय के स्थगन आदेश की कथित अवहेलना का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। मोहल्ला जमदग्नि नगर निवासी पीड़िता सरोजनी देवी पत्नी स्वर्गीय शिवकुमार शर्मा उर्फ साधूराम ने शुक्रवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जलालाबाद को लिखित शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता का वाद संख्या 9976/2025, ग्राम सराय साधौ स्थित विवादित भूमि को लेकर “सरोजनी देवी आदि बनाम राजकुमार शर्मा आदि शीर्षक से धारा 116 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के अंतर्गत न्यायालय में विचाराधीन है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए माननीय न्यायालय ने 12 मार्च 2026 को यथास्थिति बनाए रखने हेतु स्थगन (स्टे) आदेश जारी किया था।
पीड़िता का आरोप है कि उक्त आदेश के बावजूद प्रतिवादी पक्ष ने न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी करते हुए विवादित भूमि पर मिट्टी डालकर भराव कार्य करा दिया। उनका कहना है कि यह कृत्य न केवल न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है, बल्कि उनके वैधानिक अधिकारों का भी खुला उल्लंघन है।
सरोजनी देवी ने एसडीएम से मांग की है कि विवादित भूमि पर डाली गई मिट्टी को तत्काल हटवाया जाए तथा आदेश की अवहेलना करने वाले आरोपितों—राजकुमार शर्मा (निवासी जमदग्नि नगर) एवं सतीश शर्मा (निवासी दयाल नगर, जलालाबाद) आदि—के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी जलालाबाद ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की निगाहें टिकी

भ्रष्टाचार और माफिया गठजोड़ पर गिरी गाज, एक जनप्रतिनिधि की भूमिका पर भी संज्ञान

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फर्रुखाबाद: लंबे समय से पनप रहे भ्रष्टाचार, माफिया संरक्षण और प्रशासनिक मनमानी पर आखिरकार शासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए जिलाधिकारी को पद से हटा दिया। जिले में खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा था, जातिवाद को संरक्षण मिल रहा था और माफिया तंत्र को बेलगाम छूट दी गई थी। इतना ही नहीं, दागी और विवादित लोगों के घरों और कार्यक्रमों में अधिकारियों की मौजूदगी ने प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

सबसे चौंकाने वाला मामला नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय से जुड़ा सामने आया, जहां जून 2025 में सेवानिवृत्त हो चुके विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता दीपेंद्र पाल डीके से खुलेआम सरकारी काम कराए जा रहे थे। नियमों को ताक पर रखकर इस तरह की व्यवस्था चलने की शिकायत जब शासन तक पहुंची तो बीते रविवार उन्हें सरकारी आवास खाली करना पड़ा। इससे साफ संकेत मिला कि सिस्टम के भीतर मिलीभगत कितनी गहरी थी।

सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्यों में जमकर उगाही हो रही थी और नगर पालिकाओं में बिना प्रक्रिया के फाइलों को तत्काल वित्तीय मंजूरी दी जा रही थी। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका और भी गहरा गई। वहीं जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के कार्यकाल के कई फैसले अब जांच के दायरे में आ गए हैं, जिनमें पक्षपात और नियमों की अनदेखी के आरोप शामिल हैं।

माफिया अनुपम दुबे और उसके परिवार को संरक्षण देने का मुद्दा भी इस कार्रवाई का बड़ा कारण बना। आरोप है कि उनकी पत्नी को खुलेआम सरकारी मंचों पर जगह दी जा रही थी, जिसकी शिकायत शासन तक पहुंची। इसके अलावा गैंगस्टर मामलों में धीमी कार्रवाई और कानून व्यवस्था के प्रति ढीला रवैया भी शासन के निशाने पर रहा।

पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि फर्रुखाबाद में प्रशासनिक तंत्र पर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे और अब शासन ने सख्त संदेश देते हुए कार्रवाई की है। आने वाले दिनों में जांच की आंच और तेज होने की संभावना है, जिससे कई और बड़े नामों के सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।