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Friday, April 24, 2026
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10वीं पास के लिए रेलवे में निकली जाॅब, फटाफट करें अप्लाई

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10वीं पास कर सरकारी नौकरी खोज रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है. भारतीय रेलवे (Railways) ने 2400 से अधिक पदों पर भर्तियां निकाली हैं. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी और इच्छुक अभ्यर्थी 12 अगस्त 2024 तक अप्लाई कर सकते हैं. आवेदन आधिकारिक वेबसाइट sr.indianrailways.gov.in पर जाकर करना होगा. ये सभी पद अपरेंटिस के तहत दक्षिण रेलवे (Railways) में भरे जाएंगे.

कुल 2438 पदों पर भर्तियां की जाएगी. अभ्यर्थी जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार इन पदों के लिए निर्धारित लास्ट डेट या उससे पहले तक अप्लाई कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि इस भर्ती के लिए आवेदन फीस कितनी है और चयन कैसे किया जाएगा.

योग्यता

फिटर और वेल्डर पदों के लिए आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स का 50 फीसदी नंबरों के साथ 10वीं पास होना अनिवार्य हैं. वहीं मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नीशियन पदों के लिए आवेदक का भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान से 50 फीसदी नंबरों के साथ 12वीं पास होना चाहिए. 10वीं में 50 फीसदी की योग्यता एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए लागू नहीं है. साथ ही अभ्यर्थी के पास संबंधित ट्रेड में आईटीआई का सर्टिफिकेट होना चाहिए.

उम्र सीमा

आवेदक की उम्र 15 वर्ष पूरी होनी चाहिए. वहीं अधिकतम उम्र की सीमा में ओबीसी श्रेणी को 3 वर्ष, एससी/एसटी को 5 वर्ष और दिव्यांग अभ्यर्थियों को 10 वर्ष की छूट दी गई है. अधिक जानकारी के लिए जारी.

आवेदन फीस

आवेदन फीस 100 रुपए निर्धारिकत की गई है. जिसका भुगतान ऑनलाइन मोड के जरिए किया जा सकता है. एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी/महिला उम्मीदवारों को कोई आवेदन शुल्क नहीं देना होगा.

चयन

चयन मेरिट के जरिए किया जाएगा. मेरिट शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तैयार की जाएगी. मेरिट के जरिए शाॅर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को डाक्यमेंट्स वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा.

गोरखपुर: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में मानवता की धज्जियां

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यूथ इंडिया संवाददाता, गोरखपुर। जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ के व्यापक अभियान के तहत राज्य में स्वावलंबन का अर्थ परिभाषित कर रहे हैं, वहीं उनके गृह जनपद गोरखपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में वार्डन अर्चना पांडे द्वारा छात्राओं के साथ बर्बरता की घटनाएं सामने आई हैं। वायरल वीडियो बेटियों की चीख के गवाह बन रहे ।

रोते बिलखते परेशान बच्चे

छात्राओं के अनुसार, वार्डन उन्हें लगातार बुरी तरह मारती हैं और मानसिक उत्पीड़न करती हैं, जिससे एक भयावह माहौल बना हुआ है। एक छत्रा ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, वार्डन हमें छोटी-छोटी बातों पर बुरी तरह पीटती हैं और मानसिक यातना देती हैं। हम डरे हुए हैं और पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहे।
विद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्यों ने भी इस स्थिति की पुष्टि की है और बताया कि वार्डन की उच्चाधिकारियों से साठ-गांठ होने की जानकारी है, जिसके चलते उनके खिलाफ की गई शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

घाव के निशान

यह घटनाएं न केवल छात्राओं बल्कि पूरे स्टाफ को भी परेशान कर रही हैं। इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं के सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है ताकि छात्राओं को न्याय मिल सके और इस
अत्याचार की रोकथाम हो सके।
स्थानीय अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और वार्डन के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस घटना ने गोरखपुर में शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कैसे इन मासूम बच्चियों को न्याय दिलाने का प्रयास करता है।

बेटियों को बर्बरता
पूर्वक पीटती बार्डन

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में मानवता की धज्जियां

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यूथ इंडिया संवाददाता
गोरखपुर। जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ के व्यापक अभियान के तहत राज्य में स्वावलंबन का अर्थ परिभाषित कर रहे हैं, वहीं उनके गृह जनपद गोरखपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में वार्डन अर्चना पांडे द्वारा छात्राओं के साथ बर्बरता की घटनाएं सामने आई हैं। वायरल वीडियो बेटियों की चीख के गवाह बन रहे।
छात्राओं के अनुसार, वार्डन उन्हें लगातार बुरी तरह मारती हैं और मानसिक उत्पीडऩ करती हैं, जिससे एक भयावह माहौल बना हुआ है। एक छात्रा ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “वार्डन हमें छोटी-छोटी बातों पर बुरी तरह पीटती हैं और मानसिक यातना देती हैं। हम डरे हुए हैं और पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहे।”
विद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्यों ने भी इस स्थिति की पुष्टि की है और बताया कि वार्डन की उच्चाधिकारियों से साठ-गांठ होने की जानकारी है, जिसके चलते उनके खिलाफ की गई शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
यह घटनाएं न केवल छात्राओं बल्कि पूरे स्टाफ को भी परेशान कर रही हैं। इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं के सामने आने के बाद, संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है ताकि छात्राओं को न्याय मिल सके और इस अत्याचार की रोकथाम हो सके।
स्थानीय अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और वार्डन के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस घटना ने गोरखपुर में शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कैसे इन मासूम बच्चियों को न्याय दिलाने का प्रयास करता है।

 

डीजीपी प्रशांत कुमार की जीरो टॉलरेंस नीति: जिले की कानून व्यवस्था पर कड़ी नजर

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए डीजीपी प्रशांत कुमार ने विशेष रूप से कड़ा रुख अपनाया है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत, उन्होंने माफिया प्रवृत्ति वाले दबंगों की सूची शासन से प्राप्त की है और उन्हें न बख्शने के निर्देश दिए हैं।
डीजीपी प्रशांत कुमार की इस पहल का उद्देश्य जिले में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी जोगेंद्र कुमार और एडीजी कानपुर जोन भी इस मिशन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे लगातार जिले का दौरा कर रहे हैं और कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। पुलिस प्रशासन को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपराध नियंत्रण में कोई भी कमी न आने दें और अपराधियों पर पैनी नजर रखें।
डीजीपी प्रशांत कुमार की इस कड़ी कार्रवाई का मकसद जिले में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि आम जनता बेफिक्र होकर अपने दैनिक कार्यों को निपटा सके।

पुलिस की लापरवाही पर एस.पी. को सौंपा प्रार्थना पत्र

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में घटित घटनाओं को लेकर पुलिस की लापरवाही के खिलाफ सुधीर कुमार दिवाकर ने एस.पी. को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। प्रार्थना पत्र में 26 जुलाई 2022 से 31 दिसंबर 2022 के बीच कई घटनाओं की जांच और रिपोर्ट प्रस्तुत करने में देरी का आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 10 फरवरी 2021 को दी गई सूचना के बावजूद, 13 मार्च 2023 तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। इस देरी के कारण पीडि़त को न्याय नहीं मिल पाया है। सुधीर कुमार दिवाकर ने पुलिस प्रशासन पर फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का भी आरोप लगाया है, जिससे सत्य को दबाने की कोशिश की गई है। सुधीर कुमार दिवाकर ने न्यायालय से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो

मौसम का हाल : उमस भरी गर्मी से परेशान लोग

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद।
जिले में इन दिनों मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तापमान में वृद्धि और उच्च आर्द्रता स्तर के कारण लोग घरों में बंद रहने को मजबूर हैं।मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। आर्द्रता स्तर 85% तक पहुंच गया है, जिससे गर्मी और अधिक असहनीय हो गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में हल्की बारिश की संभावना जताई है, जिससे राहत मिलने की उम्मीद है।शहर के निवासियों का कहना है कि उमस भरी गर्मी से उनके दैनिक कार्यों में बाधा आ रही है। विशेषकर बुजुर्ग और बच्चे इस मौसम से अधिक प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग धूप में बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। जिले के लोग बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि गर्मी से निजात मिल सके और मौसम सुखद हो सके।