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Tuesday, July 14, 2026
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रिश्तों का खौफनाक अंत: शराब के नशे में बेटे ने पिता की कुर्सी और ईंट से पीटकर की हत्या

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– जमीन विवाद आया सामने

फर्रुखाबाद, मोहम्मदाबाद।कस्बे के वार्ड लोहिया नगर में रविवार देर रात रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई। आरोप है कि शराब के नशे में धुत एक बेटे ने अपने 68 वर्षीय पिता रामदास की कुर्सी और ईंट से हमला कर निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस के अनुसार, लोहिया नगर निवासी रामदास (68) रविवार रात अपने दिवंगत पुत्र ललित कुमार के घर में अकेले सो रहे थे। इसी दौरान उनका पुत्र श्याम कुमार उर्फ रामू वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने पहले चारपाई पलट दी, फिर पिता को उठाकर जमीन पर पटक दिया और कुर्सी व ईंट से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण रामदास की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना आरोपी की पत्नी ममता देवी ने डायल-112 और मोहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
परिजनों के मुताबिक, परिवार पहले से घरेलू विवादों से जूझ रहा था। बताया गया कि आरोपी श्याम कुमार ने हाल ही में किस्तों पर एक बाइक खरीदी थी। इसके लिए वह अपनी बड़ी पुत्री काजल के जेवर गिरवी रखने का दबाव बना रहा था। मना करने पर काजल अपने ससुराल पक्ष के लोगों के साथ चली गई थी। आरोप है कि श्याम कुमार अपनी पत्नी ममता और बच्चों सपना, दीपु और नीरज के साथ भी मारपीट करता था, जिसके कारण बच्चे अक्सर भय के माहौल में रहते थे।
घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर पर नहीं थे। बताया गया कि परिवार के सदस्य पिंकी की डिलीवरी के सिलसिले में फर्रुखाबाद गए हुए थे। इसी दौरान आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।
सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, कार्यवाहक क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह तथा फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से खून के नमूने सहित अन्य साक्ष्य एकत्र किए। उपनिरीक्षक कपिल कुमार कुशवाह ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने पिता पर जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। इसी विवाद के चलते दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो हत्या में बदल गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की समाधि को केंद्र की मंजूरी

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– राष्ट्रीय स्मृति परिसर में बनेगा स्मारक

नई दिल्ली। भारत के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की स्मृति में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित राजघाट परिसर के राष्ट्रीय स्मृति स्थल में समाधि निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। केंद्र सरकार ने उनके स्मारक के निर्माण को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही प्रणब मुखर्जी पश्चिम बंगाल से जुड़े पहले ऐसे राष्ट्रीय नेता बनेंगे, जिनकी समाधि राष्ट्रीय स्मृति परिसर में बनाई जाएगी।

प्रणब मुखर्जी का 31 अगस्त 2020 को 84 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर रहने के साथ उन्होंने पांच दशकों से अधिक समय तक भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वित्त, रक्षा, विदेश और संसदीय कार्य जैसे कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रणब मुखर्जी को वर्ष 2019 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, समाधि निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। दिल्ली शहरी कला आयोग ने वर्ष 2026 में स्मारक के प्रारूप में कुछ डिजाइन संबंधी सुझाव दिए थे। इन सुझावों के अनुरूप केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने संशोधित प्रारंभिक प्रस्ताव आयोग को सौंप दिया है। अब अंतिम स्वीकृतियों के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल सीपीडब्ल्यूडी को स्मारक निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट से बजट आवंटन का इंतजार है।

राष्ट्रीय स्मृति परिसर देश के उन विशिष्ट नेताओं की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। यहां पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्रियों के स्मारक विकसित किए जाते हैं। लगभग 245 एकड़ में फैला यह परिसर महात्मा गांधी की समाधि राजघाट से प्रारंभ होकर देश के अनेक महान नेताओं की स्मृतियों को संजोए हुए है।

शरद पवार को एनडीए में आने का न्योता, रामदास आठवले बोले— साथ आते तो प्रधानमंत्री बनने का मौका मिल सकता था

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नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर नए सियासी संकेत देखने को मिले हैं। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार को खुला न्योता देते हुए उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने का आग्रह किया है। उनके इस बयान ने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

रामदास आठवले ने कहा कि शरद पवार देश के अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उनका मानना है कि यदि शरद पवार पहले ही एनडीए का साथ स्वीकार कर लेते, तो उनके पास देश का प्रधानमंत्री बनने का अवसर भी हो सकता था। उन्होंने कहा कि आज भी यदि शरद पवार एनडीए में शामिल होने का निर्णय लेते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा।

आठवले ने यह भी कहा कि देशहित और विकास के मुद्दों पर अनुभवी नेताओं को साथ आना चाहिए। उनके अनुसार, शरद पवार के लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ राष्ट्रीय स्तर पर मिल सकता है।

हालांकि, रामदास आठवले के इस बयान पर शरद पवार या उनकी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस राजनीतिक न्योते पर एनसीपी (शरद पवार गुट) का क्या रुख रहता है।

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में जल्द होगा नेतृत्व परिवर्तन

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– अमरेंद्र सिंह सेंगर का डीजी पद पर प्रमोशन तय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट को जल्द नया पुलिस कमिश्नर मिलने की संभावना है। मौजूदा पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर का पुलिस महानिदेशक (डीजी) पद पर प्रमोशन लगभग तय माना जा रहा है। उनके पदोन्नत होने के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की कमान नए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को सौंपी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, डीजी पद पर पदोन्नति की औपचारिक प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शासन स्तर पर नए पुलिस कमिश्नर के नाम पर भी मंथन चल रहा है। हालांकि, नए कमिश्नर के नाम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
अमरेंद्र सिंह सेंगर के कार्यकाल में राजधानी में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े कई अभियानों पर विशेष जोर दिया गया। उनके कार्यकाल में कई हाई-प्रोफाइल मामलों का खुलासा और पुलिसिंग में तकनीक के बढ़ते उपयोग को भी प्राथमिकता दी गई।
उनके डीजी पद पर पदोन्नत होने के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में नए नेतृत्व के सामने कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाए रखने, साइबर अपराध, ट्रैफिक प्रबंधन, महिला सुरक्षा और शहरी पुलिसिंग की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने की जिम्मेदारी होगी।

नोएडा एयरपोर्ट से नवी मुंबई की उड़ान बंद, अकासा एयर ने फिलहाल रोकी सेवा

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नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। अकासा एयर ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए संचालित अपनी दैनिक उड़ान सेवा फिलहाल बंद कर दी है। यह सेवा 15 जून से शुरू हुई थी, लेकिन सीमित समय बाद ही इसे स्थगित कर दिया गया।
एयरलाइन की ओर से बताया गया है कि यह सेवा अक्टूबर से दोबारा शुरू करने की योजना है। हालांकि, फिलहाल इसकी आधिकारिक समय-सारिणी जारी नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार, नोएडा एयरपोर्ट से बेंगलुरु के लिए संचालित अकासा एयर की उड़ानों की संख्या भी सीमित कर दी गई है। इससे यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों की तलाश करनी पड़ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, नोएडा एयरपोर्ट तक सीधी मेट्रो या रैपिड रेल कनेक्टिविटी का अभाव, अपेक्षाकृत कम यात्री संख्या और अधिक किराया इस निर्णय की प्रमुख वजह माने जा रहे हैं। इन कारणों से उड़ानों का संचालन व्यावसायिक रूप से अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया।

दिल्ली की हवा फिर हुई बेहद खराब, AQI 294 पहुंचा; 85 दिन बाद सबसे प्रदूषित हवा दर्ज

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर वायु गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 294 दर्ज किया गया, जो 85 दिनों बाद सबसे खराब स्तर माना जा रहा है। हवा की गुणवत्ता में अचानक आई गिरावट से खासकर अस्थमा, एलर्जी और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर हवाओं, वातावरण में नमी, धूलकणों के जमाव और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के कारण वायु गुणवत्ता खराब हुई है। AQI के इस स्तर को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे लंबे समय तक खुले में रहने से बचें। सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियां सीमित रखें तथा आवश्यकता पड़ने पर मास्क का उपयोग करें। सांस संबंधी मरीजों को नियमित दवाएं लेने और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी गई है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों को निगरानी बढ़ाने और धूल व अन्य प्रदूषण स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
बार-बार बिगड़ती वायु गुणवत्ता केवल मौसमी समस्या नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर चुनौती है। स्वच्छ हवा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसके लिए सरकार, प्रशासन, उद्योगों तथा आम नागरिकों को मिलकर प्रदूषण नियंत्रण के स्थायी उपायों पर गंभीरता से काम करना होगा।