– आर्यन प्रजापति हादसे के बाद किसी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने नहीं ली सुध
फर्रुखाबाद/कायमगंज । बीते दिनों नोएडा में बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने के बाद नाले में गिरकर हुई युवा इंजीनियर आर्यन प्रजापति की दर्दनाक मौत ने पूरे कस्बे को झकझोर दिया है। यह हादसा केवल एक होनहार इंजीनियर की मौत नहीं, बल्कि एक ऐसी मां की जिंदगी में हमेशा के लिए अंधेरा छोड़ गया, जिसका आर्यन ही इकलौता सहारा था।
बताया जाता है कि कायमगंज निवासी आर्यन के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। परिवार में न तो कोई भाई है और न ही बहन। ऐसे में मां की पूरी दुनिया सिर्फ अपने इकलौते बेटे के इर्द-गिर्द ही सिमटी हुई थी। बेटे की असमय मौत के बाद वह पूरी तरह अकेली पड़ गई हैं।
हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई। शुरुआती दौर में दोनों विभाग घटना की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते नजर आए। किसी ने मौत का कारण करंट बताया तो किसी ने नाले में गिरना। बाद में घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे।
इस दुखद घटना को राष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रमुखता से उठाया। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा बनी हुई है कि अब तक फर्रुखाबाद के जनप्रतिनिधियों अथवा जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त करने या सहायता का सार्वजनिक संकेत सामने नहीं आया है। हालांकि, यदि किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने निजी तौर पर मुलाकात की हो और उसकी सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध न हो, तो उसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही पीड़ित मां को आर्थिक सहायता, न्याय और हरसंभव सरकारी सहयोग उपलब्ध कराया जाए।


