नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर वायु गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 294 दर्ज किया गया, जो 85 दिनों बाद सबसे खराब स्तर माना जा रहा है। हवा की गुणवत्ता में अचानक आई गिरावट से खासकर अस्थमा, एलर्जी और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर हवाओं, वातावरण में नमी, धूलकणों के जमाव और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के कारण वायु गुणवत्ता खराब हुई है। AQI के इस स्तर को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे लंबे समय तक खुले में रहने से बचें। सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियां सीमित रखें तथा आवश्यकता पड़ने पर मास्क का उपयोग करें। सांस संबंधी मरीजों को नियमित दवाएं लेने और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी गई है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों को निगरानी बढ़ाने और धूल व अन्य प्रदूषण स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
बार-बार बिगड़ती वायु गुणवत्ता केवल मौसमी समस्या नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर चुनौती है। स्वच्छ हवा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसके लिए सरकार, प्रशासन, उद्योगों तथा आम नागरिकों को मिलकर प्रदूषण नियंत्रण के स्थायी उपायों पर गंभीरता से काम करना होगा।


