फर्रुखाबाद। सड़क सुरक्षा नियमों के तहत चल रही वाहन चेकिंग के दौरान आरएसएस के जिला प्रचारक की बाइक रोकना रोडवेज चौकी इंचार्ज और तीन पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया। मामले में चौकी इंचार्ज कपिल कुशवाहा समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किए जाने के बाद पुलिस महकमे में नाराजगी और चर्चा का माहौल है। रोडवेज चौकी के सामने शाम करीब 6:30 बजे वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बिना हेलमेट जा रहे एक बाइक सवार को पुलिस ने रोक लिया। बाद में पता चला कि बाइक सवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जिला प्रचारक हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन रोकने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और मामला बढ़ गया।सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने वाहन की जांच के बाद बाइक को कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिया। इसके बाद मामला संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों तक पहुंचा और शिकायत किए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने रोडवेज चौकी इंचार्ज कपिल कुशवाहा, सिपाही अनुज कुमार तथा रिक्रूट आरक्षी अजय सिंह और विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में सवाल उठ रहे हैं कि जब पुलिस यातायात नियमों का पालन कराने के लिए वाहन चेकिंग करती है तो फिर केवल ड्यूटी निभाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई। पुलिसकर्मियों का कहना है कि यदि बिना हेलमेट चलने वालों को रोकना और पूछताछ करना भी जोखिम भरा हो जाएगा तो सड़क सुरक्षा अभियान प्रभावित होंगे।मामले ने जिले में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। लोगों का कहना है कि कानून और यातायात नियम सभी नागरिकों के लिए समान होने चाहिए, चाहे वह किसी भी संगठन, पद या प्रभाव से जुड़े हों। वहीं पुलिस महकमे में यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है और कई कर्मचारी इसे अपने मनोबल से जोड़कर देख रहे हैं।


