फर्रुखाबाद। जनपद में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंचने के बाद बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित क्षेत्रों में नाव, मेडिकल टीम, पशु चिकित्सा शिविर और राहत शिविरों की व्यापक व्यवस्था की है।
प्रशासन के अनुसार गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर तथा खतरे का निशान 137.10 मीटर है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 136.85 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से ऊपर है। इसके चलते जनपद में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
बाढ़ से सदर तहसील के 9 गांव, कायमगंज तहसील के 13 गांव तथा अमृतपुर तहसील के 14 गांव प्रभावित हुए हैं। इस प्रकार जनपद के कुल 36 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से 27,267 लोग एवं 5,725 परिवार प्रभावित हुए हैं। इनमें सदर तहसील के 461 परिवार, कायमगंज के 1,203 परिवार तथा अमृतपुर के 4,061 परिवार शामिल हैं।
प्रशासन ने 24 अस्थायी बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए हैं, जिनमें से 2 शिविरों का संचालन किया जा रहा है। अब तक 423 लोगों को राहत शिविरों में ठहराकर भोजन सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां भी संचालित की जा रही हैं।
बचाव कार्यों के लिए जनपद में 52 नावें और 10 मोटर बोट तैनात की गई हैं। इसके अलावा एनडीआरएफ की एक टीम, पीएसी की एक फ्लड कंपनी तथा 53 प्रशिक्षित स्वयंसेवी गोताखोर भी राहत कार्यों में लगे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 63 मेडिकल कैंप लगाए जा चुके हैं, जिनमें 2,306 लोगों का उपचार किया गया। साथ ही 1,062 ओआरएस पैकेट और 2,681 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं।
पशुओं की सुरक्षा के लिए 21 पशु चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं, जहां 551 पशुओं का उपचार तथा 5,034 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पशुओं के लिए चारा और भूसा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन द्वारा अब तक 1,500 बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव कार्य जारी रहेंगे।


