बेंगलुरु: बेंगलुरु (Bengaluru) की केंद्रीय अपराध शाखा (Central Crime Branch) ने रविवार को पांच अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को एक बुजुर्ग महिला से डिजिटल गिरफ्तारी (digital arrest) के जरिए 24 करोड़ रुपये की उगाही करने के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि शिवाजीनगर निवासी पीड़िता लक्ष्मी ने हाल ही में संपत्ति बेचकर करोड़ों रुपये कमाए थे। साइबर जालसाजों ने उनके बैंक लेनदेन की पूरी जानकारी जुटाकर उन्हें डिजिटल रूप से गिरफ्तार कर लिया और उन पर अवैध मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा चलाने की धमकी दी।
पुलिस के अनुसार, कानूनी कार्रवाई के डर से लक्ष्मी ने जनवरी से मई के बीच धीरे-धीरे अपने खाते से 24 करोड़ रुपये निकाले। जब जालसाजों ने और पैसे मांगे, तो लक्ष्मी ने पैसे की व्यवस्था करने के लिए बैंक में 1.3 किलो सोने के आभूषण गिरवी रख दिए। उनके खाते से बार-बार बड़ी रकम के लेनदेन को देखकर शाखा प्रबंधक को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके तुरंत बाद, साइबर अपराध पुलिस स्टेशन के कर्मी बैंक पहुंचे और लक्ष्मी से पूछताछ की।
शुरुआत में अत्यधिक भय के कारण बुजुर्ग महिला ने कुछ नहीं कहा। हालांकि, आश्वस्त होने पर, उनकी ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ की सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर तुरंत शिकायत दर्ज की और विदेश में रहने वाले उसके बच्चों को सूचित किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए, जांच करने वाली पुलिस टीम ने मुंबई, इलाहाबाद और दिल्ली से गौरव कुमार और ओम प्रकाश राजपूत सहित पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया। उन्होंने जबरन वसूली की रकम 22 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। एक बैंक खाते से 60 लाख रुपये जब्त कर लिए गए हैं, जबकि पुलिस ने बताया है कि शेष राशि की वसूली के लिए जांच जारी है।


