देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है और इसका असर अब इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रदर्शन पर भी दिखाई देने लगा है। भीषण गर्मी के दौरान कई ईवी मालिकों की शिकायत रहती है कि उनकी गाड़ी की रेंज कम हो जाती है, चार्जिंग की गति प्रभावित होती है और बैटरी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक गर्म होने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति पूरी तरह सामान्य है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां एक निश्चित तापमान सीमा में सबसे बेहतर प्रदर्शन करती हैं। जब बाहरी तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो बैटरी के अंदर भी गर्मी बढ़ने लगती है, जिससे उसकी कार्यक्षमता पर असर पड़ता है।
गर्मी के मौसम में बैटरी को सुरक्षित रखने के लिए वाहन का बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) सक्रिय हो जाता है और कूलिंग सिस्टम लगातार काम करता है। बैटरी को ठंडा रखने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिससे वाहन की कुल उपलब्ध ऊर्जा का एक हिस्सा इसी प्रक्रिया में खर्च हो जाता है। इसके अलावा एयर कंडीशनर का लगातार उपयोग भी बैटरी पर अतिरिक्त दबाव डालता है। यदि वाहन को तेज गति से चलाया जाए या बार-बार फास्ट चार्जिंग की जाए, तो बैटरी का तापमान और अधिक बढ़ सकता है। यही कारण है कि गर्मियों में कई बार ईवी की ड्राइविंग रेंज सामान्य दिनों की तुलना में कम दिखाई देती है, हालांकि यह किसी तकनीकी खराबी का संकेत नहीं माना जाता।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ प्रतिशत रेंज कम होना पूरी तरह सामान्य है और इससे बैटरी की सेहत को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। तापमान सामान्य होने पर बैटरी का प्रदर्शन भी सामान्य स्तर पर लौट आता है। वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी ईवी को यथासंभव छायादार स्थान पर पार्क करें और सीधी धूप में लंबे समय तक खड़ा न छोड़ें। जहां संभव हो, अच्छी वेंटिलेशन वाली पार्किंग का उपयोग करें। इसके अलावा बैटरी को बार-बार 100 प्रतिशत तक चार्ज करने से बचना चाहिए और चार्ज स्तर को 20 से 80 प्रतिशत के बीच बनाए रखना बेहतर माना जाता है, जिससे बैटरी की उम्र और प्रदर्शन दोनों बेहतर बने रहते हैं।
गर्मी के मौसम में फास्ट चार्जिंग का सीमित उपयोग करना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। लंबी दूरी की यात्रा के तुरंत बाद वाहन को चार्जिंग पर लगाने के बजाय कुछ समय के लिए ठंडा होने देना चाहिए। वहीं, स्मूद ड्राइविंग, सही टायर प्रेशर बनाए रखना और अनावश्यक वजन कम रखना ऊर्जा दक्षता बढ़ाने में मदद करता है। आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों में उपलब्ध प्री-कंडीशनिंग फीचर का उपयोग भी फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि यह वाहन चलाने से पहले बैटरी और केबिन का तापमान नियंत्रित कर देता है। इन सावधानियों को अपनाकर भीषण गर्मी में भी इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी को सुरक्षित रखा जा सकता है और उसकी रेंज तथा प्रदर्शन को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।


